देवरिया में बुलडोजर एक्शन के बाद BJP विधायक को सिर कलम करने की धमकी! वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
देवरिया में अवैध मजार पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद BJP विधायक शलभ मणि त्रिपाठी को सिर कलम करने की धमकी वाला वीडियो वायरल, जांच में जुटी पुलिस।
UP News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद संवेदनशील और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी जमीन पर बनी अवैध मजार पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद एक युवक द्वारा भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी को जान से मारने की धमकी देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। वायरल वीडियो में एक युवक सड़क पर चलते हुए नजर आ रहा है। उसके सामने देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी की एक फोटो लगी हुई है, जिस पर लाल रंग से “कट” का निशान बनाया गया है। फोटो के साथ आपत्तिजनक और धमकी भरे शब्द भी लिखे गए हैं, जिसमें कहा गया है कि “अभी भी समय है, सुधर जाओ, नहीं तो मुस्लिम अपने पर आया तो सुधार देगा।”
वायरल वीडियो में क्या है धमकी का संदेश?
वीडियो के बैकग्राउंड में एक आवाज सुनाई देती है, जिसमें कहा जा रहा है, “इसकी बात इतनी चुभती है कि सामने आ जाए तो सिर कलम कर दूं। तुम हमें थप्पड़ मार लो, हम बर्दाश्त कर लेंगे, लेकिन हुजूर की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” हालांकि इस वायरल वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि किसी मीडिया संस्थान या प्रशासन द्वारा नहीं की गई है, लेकिन वीडियो के सामने आने के बाद इसे बेहद गंभीर माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो कब बनाया गया, किसने बनाया और इसे सोशल मीडिया पर किस उद्देश्य से वायरल किया गया।

अवैध मजार पर बुलडोजर कार्रवाई की पूरी कहानी
दरअसल, देवरिया के गोठी गोरखपुर रोड ओवरब्रिज के नीचे सरकारी भूमि पर बिना किसी वैध नक्शे और अनुमति के बनी अब्दुल गनी शाह मजार को प्रशासन ने ध्वस्त किया। यह कार्रवाई दो दिनों तक चली, जिसमें ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, पीएसी और कई थानों की फोर्स तैनात रही। बताया जा रहा है कि इस अवैध मजार को लेकर भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने प्रशासन से शिकायत की थी। विधायक के अनुसार, इस मजार के कारण सरकारी भूमि पर अतिक्रमण था और कानून व्यवस्था से जुड़े खतरे भी उत्पन्न हो रहे थे। बुलडोजर कार्रवाई के बाद विधायक ने एक वीडियो संदेश जारी कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि इस अवैध मजार के विरोध के चलते ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक राम नगिना यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और अब न्याय हुआ है।
विरोध प्रदर्शन, पुलिस अलर्ट और आगे की कार्रवाई
मजार तोड़े जाने के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) के यूथ अध्यक्ष अरशद सिद्दीकी ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मजार और उससे लगी मस्जिद को बिना लिखित आदेश और नोटिस के गिराया गया। इसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। वहीं धमकी भरे वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं। वीडियो पोस्ट करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट, लोकेशन और संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
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ओवरब्रिज निर्माण की उठी मांग
मजार हटने के बाद स्थानीय लोगों ने उस स्थान पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि शहर में लगातार जाम की समस्या बनी रहती है और यदि यहां ओवरब्रिज बनता है तो आवागमन काफी सुगम हो जाएगा।



