DMDK का बड़ा सियासी संकेत: गठबंधन पर फैसला ‘तमिल माह थाई’ में, विजयकांत के नाम भारत रत्न की मांग
तमिलनाडु की राजनीति में DMDK का बड़ा ऐलान। प्रेमलता विजयकांत ने कहा- गठबंधन का फैसला तमिल माह थाई में होगा। विजयकांत के लिए भारत रत्न की मांग।
DMDK News: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कझगम (DMDK) ने अपनी रणनीति से सभी दलों का ध्यान खींच लिया है। कुड्डालोर जिले के तिट्टाकुडी के पास पसार में आयोजित पीपल्स राइट्स रेस्टोरेशन कॉन्फ्रेंस 2.0 में पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया कि आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर गठबंधन पर अंतिम फैसला तमिल माह ‘थाई’ में लिया जाएगा।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए DMDK की महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने कहा कि फिलहाल न तो राष्ट्रीय और न ही राज्य स्तरीय पार्टियों ने अपने गठबंधन तय किए हैं। ऐसे में DMDK भी जल्दबाज़ी नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी ऐसा निर्णय लेगी जिससे उसके कार्यकर्ताओं और कैडर को सम्मान मिले।
प्रेमलता विजयकांत ने कहा,
“पहले कई दलों ने DMDK के समर्थन से चुनाव जीते, लेकिन बाद में हमारे कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं किया। इस बार हम केवल उसी पार्टी से गठबंधन करेंगे जो हमें और हमारे कैडर को सम्मान दे।”
उन्होंने बताया कि वह पहले ही जिला सचिवों और पार्टी पदाधिकारियों से चर्चा कर चुकी हैं और उनके सुझावों का अध्ययन भी किया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गठबंधन पर निर्णय ले लिया गया है, लेकिन सही समय पर इसकी घोषणा की जाएगी।
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विजयकांत के बाद पहली बड़ी पार्टी बैठक, बेटे विजय प्रभाकरन ने लगाए गए आरोपों को किया खारिज
यह सम्मेलन दिवंगत पार्टी संस्थापक और ‘कैप्टन’ विजयकांत के निधन के बाद पहला बड़ा पार्टी आयोजन था। प्रेमलता ने भावुक स्वर में कहा कि यह सम्मेलन विजयकांत के आशीर्वाद से आयोजित किया गया है और पार्टी उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने दावा किया कि जिस गठबंधन में DMDK शामिल होगी, वह विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करेगा।
सम्मेलन में एक और अहम क्षण तब आया जब विजयकांत के बेटे और DMDK यूथ विंग सचिव विजय प्रभाकरन ने पार्टी मंच से पहली बार भाषण दिया। उन्होंने पार्टी पर लगाए जा रहे उन आरोपों को सिरे से खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि DMDK गठबंधन के बदले पैसे मांग रही है।
विजय प्रभाकरन ने कहा,
“अगर 2025 से अब तक हमारी संपत्तियों की जांच की जाए, तो सच्चाई सामने आ जाएगी। हमें अपने कॉलेज तक को बेचना पड़ा और आज तक अपना घर भी पूरा नहीं बनवा पाए।”

उन्होंने यह भी कहा कि विजयकांत हमेशा ईमानदार और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन की बात करते थे और DMDK आज भी उसी रास्ते पर चल रही है। पार्टी के कमजोर होने के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सम्मेलन में उमड़ी भीड़ इस बात का सबूत है कि पार्टी अब भी मजबूत है और “कैप्टन हमें दिशा दिखा रहे हैं।”
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विजयकांत के बाद पहली बड़ी पार्टी बैठक, बेटे विजय प्रभाकरन ने लगाए गए आरोपों को किया खारिज
इस सम्मेलन में पार्टी ने 11 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए, जिनमें प्रेमलता विजयकांत को गठबंधन पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार दिया गया। इसके अलावा दिवंगत विजयकांत को भारत रत्न देने और उनके नाम पर स्मारक बनाने की मांग भी प्रमुख रही।
अन्य प्रस्तावों में तमिलनाडु में नदियों को जोड़ने, पोंगल उपहार योजना, मगलिर उरिमै थोगई, सभी को लैपटॉप वितरण, कट्टाथीवु में तमिलनाडु के मछुआरों के अधिकारों की सुरक्षा, और NLCIL परियोजना से प्रभावित लोगों को स्थायी रोजगार देने की मांग शामिल थी।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि DMDK का यह सम्मेलन आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उसकी सौदेबाज़ी की स्थिति को मजबूत करता है। गठबंधन को लेकर रहस्य बनाए रखना पार्टी की रणनीतिक चाल मानी जा रही है।



