Magh Mela 2026: मिनी कुंभ के लिए प्रयागराज तैयार, जानें स्नान घाट, स्पेशल ट्रेनें और पूरी व्यवस्था

Magh Mela 2026 प्रयागराज में 3 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित होगा। जानें राज्यों के अनुसार स्नान घाट, स्पेशल ट्रेनें, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था और अल्पवास की सुविधाएं।

Magh Mela 2026 Prayagraj: महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन के बाद अब प्रयागराज एक बार फिर माघ मेला 2026 के भव्य आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार है।

Magh Mela 2026 Prayagraj
Magh Mela 2026 Prayagraj

इसे ‘मिनी कुंभ’ भी कहा जाता है। माघ मेले की शुरुआत 3 जनवरी 2026 (पौष पूर्णिमा) से होगी और यह 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) तक चलेगा। प्रशासन के अनुमान के मुताबिक इस दौरान देश-विदेश से 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान के लिए पहुंच सकते हैं।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन, रेलवे और परिवहन विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं, ताकि स्नान, आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

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राज्यों के अनुसार बांटे गए स्नान घाट, 17 घाटों की व्यवस्था

माघ मेले में स्नान को लेकर इस बार प्रशासन ने एक नई और व्यवस्थित योजना लागू की है। श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए स्नान घाटों को राज्यों और क्षेत्रों के अनुसार विभाजित किया गया है।

Magh Mela 2026 Prayagraj
Magh Mela 2026 Prayagraj
  • मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अरैल घाट निर्धारित किया गया है।
  • बुंदेलखंड, मीरजापुर, सोनभद्र और चंदौली क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु भी अरैल घाट पर ही स्नान करेंगे।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश, वाराणसी, गोरखपुर, बिहार, झारखंड और ओडिशा से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए झूसी घाट पर स्नान की व्यवस्था की गई है।

कुल मिलाकर 17 स्नान घाट बनाए जा रहे हैं। करीब 8 किलोमीटर लंबी डीप वॉटर बैरिकेडिंग लगाई जाएगी, जिससे श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से स्नान कर सकें। पूरा मेला क्षेत्र 7 सेक्टरों में विभाजित होगा और लगभग 800 हेक्टेयर में फैला रहेगा।

स्पेशल ट्रेनें और 11 प्रवेश मार्ग, आसान होगा सफर

श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। प्रयागराज जंक्शन, छिवकी, नैनी और सूबेदारगंज से कानपुर, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, सतना और चित्रकूट धाम जैसे प्रमुख रूट्स पर विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी।

इसके साथ ही प्रशासन ने 11 प्रवेश मार्ग और 12 निकास मार्ग तय किए हैं। सभी राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से आने-जाने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट प्लान बनाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को वापसी में जाम या असुविधा का सामना न करना पड़े।

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विशेष स्नान पर्वों पर ट्रेनों और बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिनमें शामिल हैं:

  • पौष पूर्णिमा (3–4 जनवरी)
  • मकर संक्रांति (15–16 जनवरी)
  • मौनी अमावस्या (18–19 जनवरी)
  • बसंत पंचमी (23–24 जनवरी)
  • माघी पूर्णिमा (1–2 फरवरी)
  • महाशिवरात्रि (15–16 फरवरी)

पार्किंग, सुरक्षा और अल्पवास की व्यापक व्यवस्था

श्रद्धालुओं के निजी वाहनों के लिए मेला क्षेत्र की सीमा पर 42 अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जिनमें लगभग 1.30 लाख वाहनों के खड़े होने की क्षमता होगी।
जौनपुर-गोरखपुर और वाराणसी मार्ग पर सबसे अधिक पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जहां करीब 55 हजार वाहन खड़े किए जा सकेंगे।

Magh Mela 2026 Prayagraj
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सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

  • प्रयागराज, लखनऊ और प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 450 से अधिक अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं।
  • मेला क्षेत्र में 17 थाने और 42 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं।
  • अग्नि सुरक्षा के लिए 20 फायर स्टेशन, 7 फायर चौकियां और 20 वॉच टावर स्थापित किए जाएंगे।

इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग से मेला क्षेत्र तक शटल बसें चलाई जाएंगी और रोडवेज बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

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डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए अल्पवास (1 माह तक ठहरने) की भी व्यवस्था की गई है, ताकि वे केवल स्नान कर लौटने के बजाय कुछ दिन रुककर आध्यात्मिक अनुभव ले सकें।

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