आंध्र प्रदेश कैबिनेट में भावनात्मक टकराव: अन्नमय्या जिला मुख्यालय मुद्दे पर मंत्री फूट-फूट कर रोए
आंध्र प्रदेश कैबिनेट बैठक में अन्नमय्या जिला मुख्यालय को लेकर भावनात्मक माहौल बन गया। परिवहन मंत्री रामप्रसाद रेड्डी रो पड़े। जानिए Rayachoti मुख्यालय विवाद की पूरी कहानी।
Annamayya District Headquarters Issue:आंध्र प्रदेश की राजनीति में सोमवार को उस समय भावनात्मक मोड़ आ गया जब राज्य कैबिनेट की बैठक में अन्नमय्या जिले के मुख्यालय को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। विशेष रूप से Rayachoti से जिला मुख्यालय हटाने के प्रस्ताव ने सत्तारूढ़ दल के भीतर गहरे मतभेद और भावनात्मक तनाव को उजागर कर दिया।

बैठक के दौरान परिवहन मंत्री मंडिपल्ली रामप्रसाद रेड्डी भावुक हो गए और कथित तौर पर रो पड़े। यह दृश्य दर्शाता है कि प्रशासनिक फैसलों के पीछे केवल तकनीकी पहलू ही नहीं, बल्कि स्थानीय जनभावनाएं और राजनीतिक जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं।
मुख्यमंत्री नायडू का हस्तक्षेप, प्रशासनिक संतुलन पर जोर
स्थिति को संभालते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तुरंत हस्तक्षेप किया और मंत्री रामप्रसाद रेड्डी को सांत्वना दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला पुनर्गठन का उद्देश्य किसी क्षेत्र को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक प्रशासनिक दक्षता, जनसुविधा और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि Rayachoti को जिला मुख्यालय बनाए रखने में कुछ तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या केवल एक विधानसभा क्षेत्र को पूर्ण जिला बनाना प्रशासनिक दृष्टि से व्यवहारिक होगा।
हालांकि, उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि Rayachoti विधानसभा क्षेत्र को जिला-स्तरीय विकास केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा और वे स्वयं इसकी निगरानी करेंगे। ने तुरंत हस्तक्षेप किया और मंत्री रामप्रसाद रेड्डी को सांत्वना दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला पुनर्गठन का उद्देश्य किसी क्षेत्र को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक प्रशासनिक दक्षता, जनसुविधा और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि Rayachoti को जिला मुख्यालय बनाए रखने में कुछ तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या केवल एक विधानसभा क्षेत्र को पूर्ण जिला बनाना प्रशासनिक दृष्टि से व्यवहारिक होगा।
हालांकि, उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि Rayachoti विधानसभा क्षेत्र को जिला-स्तरीय विकास केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा और वे स्वयं इसकी निगरानी करेंगे।
Rayachoti के विकास का वादा, लेकिन असंतोष बरकरार
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि Rayachoti में इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी कार्यालय, प्रशासनिक सुविधाएं और आर्थिक गतिविधियां तेज़ी से विकसित की जाएंगी। उनका कहना था कि जिला मुख्यालय भले ही बदला जाए, लेकिन Rayachoti को पीछे नहीं छोड़ा जाएगा।
इसके बावजूद, मंत्री रामप्रसाद रेड्डी ने बाद में मीडिया से बातचीत में कहा कि “पार्टी और Rayachoti मेरे लिए दो आंखों के समान हैं”। उन्होंने भावुक लहजे में कहा कि जहां Railway Kodur को Tirupati से और Rajampet को Kadapa से जुड़ाव मिला, वहीं Rayachoti खुद को अलग-थलग महसूस कर रहा है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 27 नवंबर को जारी गजट नोटिफिकेशन में जिला मुख्यालय बदलने का कोई उल्लेख नहीं था और पिछले एक महीने में इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रस्ताव सामने नहीं आया था।
कैबिनेट फैसलों पर सफाई, इस्तीफे की अटकलें खारिज
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री अनगनी सत्य प्रसाद ने सभी अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया है और न ही किसी मंत्री के इस्तीफे की स्थिति बनी है।
उन्होंने दोहराया कि रामप्रसाद रेड्डी पूरी तरह से Rayachoti और अन्नमय्या जिले के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं, और सरकार क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही है।
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