CRPF की पेशेवर क्षमता और सेवा भावना की विजेंद्र गुप्ता ने की सराहना, कहा – आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ है बल
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने CRPF की पेशेवर क्षमता, साहस और देश की आंतरिक सुरक्षा में योगदान की सराहना की। 103वीं बटालियन के जवानों से संवाद के दौरान उन्होंने बल की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया।
Vijender Gupta Praises CRPF Professionalism: दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की पेशेवर क्षमता, अनुशासन और देश सेवा के प्रति समर्पण की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि CRPF देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ है और बल के जवान अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी अद्वितीय साहस और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।

दिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान गुप्ता ने CRPF की 103वीं बटालियन के जवानों और अधिकारियों से संवाद किया। इस अवसर पर जवानों के परिवारजन और बच्चे भी उपस्थित थे, जिससे यह कार्यक्रम भावनात्मक और प्रेरणादायक बन गया।
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कठिन परिस्थितियों में CRPF की अतुलनीय भूमिका
अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि CRPF देश के सबसे चुनौतीपूर्ण सुरक्षा वातावरण में काम कर रही है। आतंकवाद, उग्रवाद, वामपंथी हिंसा और चुनावी सुरक्षा जैसे संवेदनशील दायित्वों को निभाते हुए बल ने हर बार अपनी पेशेवर दक्षता और अनुशासन का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि चाहे जम्मू-कश्मीर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र हों या फिर प्राकृतिक आपदाओं के समय नागरिक प्रशासन की सहायता — CRPF हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़ी दिखाई देती है। गुप्ता ने विशेष रूप से उन जवानों को नमन किया जिन्होंने जान की परवाह किए बिना देश की सुरक्षा सुनिश्चित की।
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दिल्ली विधानसभा की ऐतिहासिक विरासत से कराया गया परिचय
कार्यक्रम के दौरान विजेंद्र गुप्ता ने जवानों और अधिकारियों को दिल्ली विधानसभा के गौरवशाली इतिहास से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक संस्था की स्थापना वर्ष 1911 में हुई थी, जब तीसरे दिल्ली दरबार के दौरान ब्रिटिश शासन ने राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि पिछले 113 वर्षों में यह भवन भारत के लोकतांत्रिक और संवैधानिक विकास का साक्षी रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय जैसे महान नेताओं ने इसी विधानसभा से भारतीय हितों की आवाज बुलंद की थी।
ऐतिहासिक घटनाओं और लोकतांत्रिक यात्रा का प्रतीक
विजेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में रॉलेट एक्ट, जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) और प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारत के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली विधानसभा का सेंट्रल हॉल कई ऐतिहासिक क्षणों का साक्षी रहा है, जिसमें 1923 में दिल्ली विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह और 1925 में महत्वपूर्ण विधायी निर्णय शामिल हैं।
हालांकि 1927 में नए संसद भवन के निर्माण के बाद विधायी गतिविधियां स्थानांतरित हो गईं, लेकिन दिल्ली विधानसभा आज भी भारत की लोकतांत्रिक चेतना और संवैधानिक यात्रा का जीवंत प्रतीक बनी हुई है।
जवानों और परिवारों के लिए विशेष भ्रमण
कार्यक्रम के अंतर्गत CRPF के जवानों, अधिकारियों और उनके परिवारों को विधानसभा भवन का मार्गदर्शित भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्हें सदन की कार्यप्रणाली, परंपराओं और संसदीय इतिहास की जानकारी दी गई। बच्चों और परिवारजनों ने भी इस ऐतिहासिक धरोहर को करीब से देखा और समझा।
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कॉफी टेबल बुक भेंट
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने CRPF अधिकारियों को स्मृति चिह्न के रूप में “Delhi Legislative Assembly presents Shatabdi-Yatra: Veer Vithalbhai Patel” नामक कॉफी टेबल बुक भी भेंट की।
निष्कर्ष (Conclusion)
यह कार्यक्रम न केवल CRPF के शौर्य और सेवा भावना का सम्मान था, बल्कि देश की लोकतांत्रिक विरासत से सुरक्षा बलों को जोड़ने का एक प्रेरणादायक प्रयास भी रहा। विजेंद्र गुप्ता का यह वक्तव्य एक बार फिर साबित करता है कि CRPF भारत की सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत स्तंभ है।
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