एमजीआर तमिलनाडु की राजनीति का ‘स्वर्ण अध्याय’: ई.के. पलानीस्वामी
AIADMK प्रमुख ई.के. पलानीस्वामी ने एमजी रामचंद्रन की 38वीं पुण्यतिथि पर उन्हें तमिलनाडु की राजनीति का स्वर्ण अध्याय बताया और 2026 में DMK को सत्ता से हटाने का संकल्प दोहराया।
MGR and Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में एमजी रामचंद्रन (MGR) का नाम आज भी सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक माना जाता है।

उनकी 38वीं पुण्यतिथि पर AIADMK के महासचिव (General Secretary) और तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एडप्पादी (Edappadi) के. पलानीस्वामी (EPS) ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि एमजीआर तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास का “स्वर्ण अध्याय” हैं, जिन्होंने गरीबों के दुख को अपना दुख समझा।
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एमजीआर – गरीबों के मसीहा और कल्याणकारी राजनीति के प्रतीक
चेन्नई स्थित मरीना बीच (Marina Beach) पर एमजीआर स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए पलानीस्वामी (Palaniswami) ने कहा कि एमजीआर एक ऐसे मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने सामाजिक न्याय, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तमिलनाडु का इतिहास गढ़ा।
MGR ने 1977 से 1987 तक मुख्यमंत्री रहते हुए कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं, जिनमें मिड-डे मील योजना सबसे प्रमुख रही। इस योजना ने लाखों गरीब बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने में अहम भूमिका निभाई।

एमजीआर को उनके समर्थक “पुराची थलाइवर” यानी क्रांतिकारी नेता के रूप में याद करते हैं, क्योंकि उन्होंने सिनेमा की लोकप्रियता को समाज सेवा और राजनीति के लिए उपयोग किया।
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AIADMK की स्थापना और ‘परिवारवाद’ के खिलाफ संघर्ष
पलानीस्वामी (Palaniswami) ने अपने बयान में कहा कि जब सी.एन. अन्नादुरै (अन्ना) के विचारों से भटकने की कोशिशें की जा रही थीं और तमिलनाडु को “परिवार की जागीर” बनाने के प्रयास हो रहे थे, तब एमजीआर ने AIADMK की स्थापना कर लोकतंत्र की रक्षा की।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि AIADMK अन्ना के विचारों पर चलने वाला ऐसा आंदोलन है, जो तब भी, अब भी और भविष्य में भी लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा करता रहेगा।
EPS ने जोर देकर कहा कि पार्टी को एमजीआर की विरासत को आगे बढ़ाते हुए जनता की रक्षा करनी होगी।
2026 चुनावों को लेकर DMK पर सीधा हमला
MGR की पुण्यतिथि के अवसर पर पलानीस्वामी (Palaniswami) ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक संकेत दिया। उन्होंने DMK सरकार को “बुरी ताकत” बताते हुए कहा कि AIADMK जनता के समर्थन से DMK शासन का “अंतिम अध्याय” लिखेगी।
उन्होंने कहा कि एमजीआर के आदर्शों को अपनाकर ही तमिलनाडु को दोबारा सही दिशा में ले जाया जा सकता है। AIADMK कार्यकर्ताओं ने राज्यभर में प्रार्थनाएं, रक्तदान शिविर और प्रतिमा पर माल्यार्पण कर MGR को याद किया।
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तमिलनाडु की राजनीति में एमजीआर की अमिट छाप
एमजी रामचंद्रन (MG Ramachandran) न सिर्फ एक लोकप्रिय अभिनेता थे, बल्कि उन्होंने राजनीति में नैतिकता और करुणा को स्थान दिया। उनका निधन 24 दिसंबर 1987 को 71 वर्ष की आयु में हुआ, लेकिन उनकी नीतियां आज भी तमिलनाडु की राजनीति को दिशा देती हैं।

एमजीआर की पुण्यतिथि पेरियार ई.वी. रामासामी की पुण्यतिथि के साथ पड़ने के कारण यह दिन द्रविड़ राजनीति के इतिहास में विशेष महत्व रखता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
MGR का जीवन और कार्य तमिलनाडु की राजनीति के लिए एक आदर्श हैं। EPS द्वारा दिया गया बयान न केवल श्रद्धांजलि है, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए AIADMK की रणनीति का संकेत भी देता है।
एमजीआर की विरासत आज भी जनता के बीच जीवित है और यही वजह है कि उन्हें तमिलनाडु की राजनीति का “स्वर्ण अध्याय” कहा जाता है।
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