केरल में SIR के बाद 24 लाख से अधिक मतदाता ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर, सियासी बहस तेज
केरल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची से 24 लाख से अधिक नाम बाहर कर दिए गए हैं। जानिए कारण, आंकड़े, प्रक्रिया और आगे क्या करें।
Kerala Electoral Roll: केरल में चुनाव आयोग के तरफ से जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत प्रकाशित इस सूची से 24,08,503 मतदाताओं के नाम बाहर कर दिए गए हैं। इन मतदाताओं को Absent, Shifted, Dead (ASD) सूची में डाला गया है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 8.65% है।

चुनाव आयोग के अनुसार, इन नामों को “uncollectable enumeration forms” की श्रेणी में रखा गया है। इनमें से
- 6,45,548 मतदाता अनट्रेसेबल या अनुपस्थित,
- 8,16,221 मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित,
- 6,49,885 मतदाता मृत,
- 1,36,029 नाम डुप्लीकेट और
- 1,60,830 लोग अन्य श्रेणी में शामिल हैं, जिनमें वे लोग भी हैं जिन्होंने गणना फॉर्म स्वीकार या वापस नहीं किए।
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ड्राफ्ट लिस्ट में कुल 2.54 करोड़ मतदाता, आंकड़ों में बड़ा अंतर
23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में केरल के 2,54,42,352 मतदाता शामिल हैं। इनमें
- 1,30,58,731 महिलाएं,
- 1,23,83,341 पुरुष,
- और 280 ट्रांसजेंडर मतदाता दर्ज किए गए हैं।

राज्य के 14 जिलों में से मलप्पुरम (Malappuram) में सबसे अधिक 32,38,452 मतदाता हैं। वहीं, तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) में सबसे ज्यादा ट्रांसजेंडर मतदाता (57) पाए गए। इसके बाद मलप्पुरम (42) और कोझिकोड (41) का स्थान है।
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दिलचस्प बात यह है कि यह ड्राफ्ट सूची, राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची से 31.63 लाख कम है। हाल ही में हुए 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में कुल 2,86,05,525 मतदाता पंजीकृत थे। इससे SIR प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नाम कटने पर क्या करें? जानिए दावा-आपत्ति की पूरी प्रक्रिया
केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर (Ratan U Kelkar) ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम Absent, Shifted, Dead (ASD) सूची में हैं, वे अब भी अपने नाम जोड़ सकते हैं। इसके लिए उन्हें Form 6 के साथ एक घोषणा पत्र जमा करना होगा।
विदेश में रह रहे भारतीय मतदाता Form 6A के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
1- दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तारीख: 22 जनवरी 2026
2- सुनवाई और सत्यापन (Notice Phase): 14 फरवरी 2026 तक
3- अंतिम मतदाता सूची जारी होगी: 21 फरवरी 2026
यदि किसी मतदाता का नाम सुनवाई के बाद Electoral Registration Officer (ERO) द्वारा हटाया जाता है, तो
- पहली अपील 15 दिनों के भीतर District Election Officer (DEO) के पास की जा सकती है।
- दूसरी अपील 30 दिनों के भीतर Chief Electoral Officer (CEO) के पास दायर की जा सकती है।
चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं को नोटिस व्यक्तिगत रूप से देंगे और उसकी रसीद प्राप्त करेंगे।

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राज्य सरकार की आपत्ति और सियासी घमासान
ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद केरल सरकार ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। सरकार का कहना है कि “करीब 25 लाख मतदाताओं के नाम कटने की आशंका लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।” सरकार की ओर से मतदाताओं को अधिक समय देने की मांग की गई थी, जिसे लेकर केंद्र और राज्य के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य केवल योग्य मतदाताओं को शामिल करना और अयोग्य को हटाना है, न कि किसी को वंचित करना।
निष्कर्ष (Conclusion)
केरल में जारी यह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट न केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, बल्कि यह लोकतांत्रिक भागीदारी से भी सीधे जुड़ा मुद्दा है। यदि आपका या आपके परिवार के किसी सदस्य का नाम सूची में नहीं है, तो समय रहते दावा-आपत्ति दर्ज कराना बेहद ज़रूरी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति और चुनावी माहौल को और गर्मा सकता है।
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