Hanukkah Explained: सिडनी के बोंडी बीच पर Hanukkah उत्सव के दौरान आतंकी हमला, जानिए यहूदियों के पवित्र पर्व का इतिहास और महत्व
सिडनी के बोंडी बीच पर हनुक्का उत्सव के दौरान हुए आतंकी हमले ने दुनिया को झकझोर दिया। जानिए क्या है हनुक्का, इसका इतिहास, धार्मिक महत्व और क्यों इसे यहूदियों की दीवाली कहा जाता है।
Hanukkah Explained: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में स्थित प्रसिद्ध बोंडी बीच उस समय दहशत का केंद्र बन गया, जब यहूदी समुदाय द्वारा हनुक्का (Hanukkah) पर्व के जश्न के दौरान आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।

इस हमले में अब तक 16 लोगों की मौत और तीन दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने इस हमले को यहूदी विरोधी आतंकवाद (Anti-Semitic Terrorism) करार दिया है।
यह हमला ऐसे समय हुआ जब यहूदी समुदाय अपने सबसे पवित्र त्योहारों में से एक हनुक्का मना रहा था। इस घटना के बाद दुनियाभर में यह सवाल उठने लगा है कि हनुक्का क्या है और इसका धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व क्या है?
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सिडनी के Bondi Beach पर हनुक्का जश्न बना मातम
रविवार को बोंडी बीच पर आयोजित “Chanukah by the Sea” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में यहूदी परिवार शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम हनुक्का उत्सव के पहले दिन आयोजित किया जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तभी आतंकी बाप-बेटे ने अचानक भीड़ पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
हमले में मारे गए अधिकांश लोग यहूदी समुदाय से थे। एक आतंकी मारा गया, जबकि दूसरा गंभीर हालत में गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना ने न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ही नहीं बल्कि पूरी विश्व को झकझोर कर रख दिया है।
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क्या है हनुक्का (Hanukkah)? जानिए यहूदियों के प्रकाश पर्व का इतिहास
Hanukkah यहूदी धर्म का एक अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक त्योहार है, जिसे “Festival of Lights” यानी रोशनी का पर्व कहा जाता है। यह त्योहार आठ दिनों तक मनाया जाता है और इसे अक्सर यहूदियों की दीवाली भी कहा जाता है।
हनुक्का का इतिहास लगभग 2200 वर्ष पुराना है। हिब्रू भाषा में हनुक्का का अर्थ होता है — समर्पण। इसकी कहानी ग्रीक-सीरियाई शासकों के उस दौर से जुड़ी है, जब उन्होंने यरुशलम पर कब्जा कर यहूदियों की धार्मिक परंपराओं पर रोक लगा दी थी।
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इसके विरोध में मैकाबी विद्रोहियों ने संघर्ष किया और अंततः बड़ी सेना को हराकर यहूदी मंदिर को पुनः मुक्त कराया।
मेनोरा का चमत्कार और हनुक्का की परंपराएं
मंदिर को पुनः पवित्र करने के लिए मेनोरा (दीप स्तंभ) जलाया गया, लेकिन वहाँ केवल एक दिन का तेल उपलब्ध था। मान्यता है कि वह तेल लगातार आठ दिनों तक जलता रहा, जिसे यहूदी धर्म में दैवीय चमत्कार माना जाता है। इसी घटना की स्मृति में हनुक्का मनाया जाता है।

हनुक्का के दौरान हर रात एक-एक दीप जलाया जाता है। परिवार एक साथ प्रार्थना करते हैं, धार्मिक गीत गाते हैं और पारंपरिक व्यंजन खाते हैं। यह पर्व पूरी तरह परिवार और आस्था केंद्रित होता है।
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यूरोप के कई देशों में इसे “Jewish Christmas” भी कहा जाता है, क्योंकि कई बार यह त्योहार क्रिसमस के आसपास पड़ता है। यहूदी चंद्र कैलेंडर के अनुसार इसकी तारीख हर साल बदलती रहती है, ठीक वैसे ही जैसे हिंदुओं की दीपावली।
निष्कर्ष (Conclusion):
सिडनी के बोंडी बीच पर हुआ यह आतंकी हमला न केवल निर्दोष लोगों पर हमला था, बल्कि धार्मिक सहिष्णुता और मानवता पर भी प्रहार था। हनुक्का, जो रोशनी, आशा और आस्था का प्रतीक है, उसी दिन हिंसा की अंधेरी छाया में आ गया।
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इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि दुनिया को आज भी धार्मिक सौहार्द और शांति की सबसे अधिक आवश्यकता है।
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