UP पंचायत चुनाव से पहले बड़ा ऐलान: अब हर गांव पहुंचेगा नल से शुद्ध पानी, 85% घरों में शुरू हुई सप्लाई
यूपी पंचायत चुनाव से पहले सरकार की बड़ी सौगात। जल जीवन मिशन के तहत उत्तर प्रदेश के सभी गांवों में जल्द नल से शुद्ध पेयजल की सुविधा शुरू होगी। जानिए पूरी योजना।
Jal Jeevan Mission Ahead Of UP Panchayat Elections: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में आगामी पंचायत चुनाव से पहले ग्रामीण जनता के लिए सरकार ने एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है। जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत प्रदेश के सभी गांवों में जल्द ही नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू होने जा रही है। यह योजना न सिर्फ गांवों की बुनियादी जरूरत को पूरा करेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के जीवन में भी ऐतिहासिक बदलाव लाएगी। मंगलवार को दिल्ली में आयोजित ग्रामीण पेयजल सेवाओं के संचालन और रखरखाव पर मंत्री स्तरीय संवाद में यह जानकारी दी गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल (C. R. Patil) ने की। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) ने राज्य में चल रही योजनाओं की प्रगति साझा की।
यूपी में 40 हजार से ज्यादा जल योजनाएं अंतिम चरण में
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में 40,000 से अधिक पेयजल योजनाओं का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से अधिकांश योजनाएं अब पूर्णता की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही ये योजनाएं पूरी होंगी, प्रदेश के गांवों में रहने वाले लाखों परिवारों को नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा। खासतौर पर बुंदेलखंड (Bundelkhand) और विंध्य (Vindhya) क्षेत्र के उन गांवों में, जहां पानी की समस्या वर्षों से विकराल रही है, वहां अब हालात तेजी से बदल रहे हैं।

महिलाओं के जीवन में आया ऐतिहासिक बदलाव
मंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। पहले जहां महिलाओं को मीलों दूर से पानी लाना पड़ता था, अब वही पानी घर के आंगन तक पहुंच रहा है। इससे न सिर्फ महिलाओं का समय बचा है, बल्कि उनकी सेहत, सुरक्षा और आत्मसम्मान में भी सुधार हुआ है। बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, क्योंकि अब उन्हें पानी के लिए स्कूल छोड़ना नहीं पड़ता।
2019 से अब तक 85% ग्रामीण परिवारों तक पहुंचा नल जल
स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 15 अगस्त 2019 तक उत्तर प्रदेश में केवल 5 लाख 16 हजार ग्रामीण परिवारों के पास ही नल से पानी की सुविधा थी। यह संख्या उस समय कुल ग्रामीण परिवारों का मात्र 1.93 प्रतिशत थी। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वर्तमान में प्रदेश के 85 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
10 साल तक निर्माण एजेंसियां करेंगी संचालन और मॉनिटरिंग
जलशक्ति मंत्री ने बताया कि पहले ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं को ग्राम पंचायतों को सौंप दिया जाता था, लेकिन वित्तीय संसाधनों और तकनीकी ज्ञान की कमी के कारण कई योजनाएं बंद हो जाती थीं। इस समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि निर्माण एजेंसियां ही 10 वर्षों तक योजनाओं का संचालन और अनुरक्षण करेंगी। इस पूरे खर्च को राज्य सरकार वहन करेगी, जिससे योजनाएं लंबे समय तक सुचारू रूप से चलती रहें। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अधिकांश जल योजनाएं सौर ऊर्जा आधारित हैं, जिससे बिजली खर्च कम होगा और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।
इसे भी पढें: UGC Rules 2026 पर मचा घमासान: पहली बार बोले धर्मेंद्र प्रधान, कहा- “न भेदभाव होगा, न दुरुपयोग”
पंचायत चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत चुनाव से पहले इस तरह की घोषणाएं ग्रामीण मतदाताओं के बीच सरकार की मजबूत पकड़ को दर्शाती हैं। जल जैसी बुनियादी सुविधा को घर-घर पहुंचाकर सरकार ने ग्रामीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साफ कर दी है।



