UGC Rules 2026 पर देश में उबाल: दिल्ली से लखनऊ तक प्रदर्शन, BJP में इस्तीफों की बाढ़; UP में राष्ट्रपति शासन की मांग
UGC Rules 2026 को लेकर देशभर में विरोध तेज हो गया है। दिल्ली, लखनऊ और रायबरेली में प्रदर्शन, BJP नेताओं के इस्तीफे, PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का निलंबन और यूपी में राष्ट्रपति शासन की मांग से सियासत गरमा गई है।
UGC Rules 2026 Protest: देश में UGC Rules 2026 को लेकर विरोध लगातार उग्र होता जा रहा है। शिक्षा से जुड़े इन नए नियमों ने अब केवल छात्रों और शिक्षकों तक सीमित न रहकर राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। दिल्ली (Delhi) से लेकर लखनऊ (Lucknow), रायबरेली (Raebareli) और बरेली (Bareilly) तक प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी के भीतर भी इन नियमों को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। दिल्ली (Delhi) में यूजीसी मुख्यालय के बाहर छात्रों का प्रदर्शन हो या उत्तर प्रदेश में भाजपा नेताओं के इस्तीफे-हर जगह माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
दिल्ली से लखनऊ तक सड़कों पर उतरे छात्र, UGC दफ्तर के बाहर प्रदर्शन
UGC Rules 2026 के विरोध में राजधानी दिल्ली (Delhi) में यूजीसी कार्यालय के बाहर भारी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया। हालात को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। छात्रों का आरोप है कि नए नियम समाज को वर्गों में बांटने वाले हैं और इससे शैक्षणिक परिसरों में वैमनस्य बढ़ेगा। इसी क्रम में लखनऊ यूनिवर्सिटी (Lucknow University) के सामने भी छात्रों ने जोरदार नारेबाजी की और कैंपस में धरना शुरू कर दिया। छात्रों का कहना है कि शिक्षा का उद्देश्य समानता और समावेशिता होना चाहिए, न कि वर्गीकरण और भय का माहौल।

PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा, निलंबन और राष्ट्रपति शासन की मांग
इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब बरेली(Bareilly) के सिटी मजिस्ट्रेट और यूपी PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने UGC Rules 2026 के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण शंकराचार्य (Shankaracharya) के कथित अपमान और ब्राह्मण समाज के खिलाफ भेदभाव को बताया। इस्तीफे के तुरंत बाद सरकार ने उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया। इसके बाद अलंकार अग्निहोत्री कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठ गए और जिलाधिकारी से मिलने की मांग की। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करते हुए कहा कि राज्य में संवैधानिक तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है।
BJP में फूट, नेताओं के इस्तीफे और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक मामला
UGC Rules 2026 का असर अब भाजपा संगठन के भीतर भी साफ नजर आने लगा है। रायबरेली में भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर त्रिपाठी (Shyam Sundar Tripathi) ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इन नियमों को “काला कानून” बताते हुए सवर्ण समाज के खिलाफ बताया। इसके अलावा लखनऊ और अन्य जिलों में भी भाजपा नेताओं ने पार्टी पदों से इस्तीफे दिए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) ने भी इन नियमों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे छात्रों के बीच विभाजन की भावना पैदा होगी। विवाद अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक पहुंच चुका है। UGC Rules 2026 के खिलाफ दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि रेगुलेशन 3(c) गैर-आरक्षित वर्ग के छात्रों और शिक्षकों को सुरक्षा से वंचित करता है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन है।
इसे भी पढें: पश्चिमी विक्षोभ का बड़ा असर: दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत में बारिश, तेज हवाएं और बढ़ेगी कड़ाके की ठंड
क्या हैं UGC Rules 2026 और विवाद की जड़?
UGC के नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा को विस्तृत किया गया है और SC, ST, OBC को इसके दायरे में शामिल किया गया है। हालांकि, याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सामान्य वर्ग (General Category) के लिए स्पष्ट शिकायत निवारण व्यवस्था नहीं छोड़ी गई।दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल जारी मसौदा नियमों में कई विवादित प्रावधान शामिल नहीं थे, जिन्हें अंतिम अधिसूचना में जोड़ा या हटाया गया, जिससे विवाद और गहराया।



