खूंखार कुत्तों के आतंक से मिलेगी मुक्ति! योगी सरकार का ‘मास्टर प्लान’ तैयार, अब हर जिले में बनेंगे हाईटेक डॉग शेल्टर
यूपी में आवारा कुत्तों के हमलों पर योगी सरकार सख्त! नगर निगमों में बनेंगे डॉग शेल्टर होम और ABC सेंटर। जानें क्या है सरकार का मास्टर प्लान और कैसे मिलेगी आम जनता को राहत।
Stray Dog Menace in UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और उनसे होने वाले हादसों ने आम जनता की नींद उड़ा रखी है। मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इन ‘स्ट्रीट डॉग्स’ के खौफ में जीने को मजबूर है। लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। यूपी में आवारा कुत्तों का आतंक खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर्स और डॉग शेल्टर होम्स के निर्माण की प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर तेज कर दिया है।
मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से होगा समाधान: सीएम योगी के कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने स्पष्ट किया है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान केवल उन्हें सड़कों से हटाना नहीं है, बल्कि इसे मानवीय, वैज्ञानिक और स्थायी तरीके से हल करना है। सरकार का मुख्य उद्देश्य जन सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए पशु कल्याण मानकों का पालन करना भी है।
- सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइंस का पालन: यह पूरी योजना सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और पशु क्रूरता निवारण नियमों के तहत लागू की जा रही है।
- एबीसी (ABC) सेंटर की भूमिका: इन केंद्रों पर कुत्तों की नसबंदी की जाएगी ताकि उनकी आबादी पर नियंत्रण पाया जा सके।
- नगर निगमों को जिम्मेदारी: सभी नगर निगमों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में भूमि चिह्नित करें और जल्द से जल्द शेल्टर होम का निर्माण शुरू करें।

करोड़ों का बजट और हाईटेक सुविधाएं: कैसा होगा ‘डॉग शेल्टर होम’?
योगी सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए पानी की तरह पैसा बहाने को तैयार है ताकि व्यवस्था में कोई कमी न रहे। शासन स्तर पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं:
- बजट (Budget): प्रत्येक डॉग शेल्टर होम के निर्माण पर लगभग 4.70 करोड़ से 5.31 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
- इन्फ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure): इन शेल्टर होम्स में केवल रखने की जगह ही नहीं, बल्कि आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाएं भी होंगी।
- सुविधाएं (Facilities): कुत्तों के लिए पौष्टिक भोजन, नियमित स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
- निगरानी (Supervision): सीसीटीवी और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए इन केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
प्रयागराज से लखनऊ तक जमीन चिह्नित: इन जिलों में काम शुरू
सरकार ने केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि धरातल पर भी काम शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई प्रमुख जिलों में जमीन की उपलब्धता और प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
| जिला (District) | अपडेट (Update) |
| प्रयागराज (Prayagraj) | सोरांव तहसील के ग्राम मऊर उपरहट में भूमि चिह्नित। |
| लखनऊ (Lucknow) | नगर निगम कार्यकारिणी बोर्ड से प्रस्ताव को हरी झंडी। |
| ललितपुर (Lalitpur) | 12.182 हेक्टेयर की विशाल भूमि आवंटित। |
| हरदोई (Hardoi) | 0.2 हेक्टेयर भूमि पर काम की तैयारी। |
| बुलंदशहर (Bulandshahr) | 2000 वर्ग मीटर भूमि चिह्नित। |
| फतेहपुर (Fatehpur) | 0.769 हेक्टेयर भूमि पर बनेगा एबीसी सेंटर। |
बाकी बचे जिलों से भी जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी गई है ताकि पूरे उत्तर प्रदेश में एक समान ‘डॉग मैनेजमेंट सिस्टम’ लागू किया जा सके।
जन सुरक्षा और पशु प्रेम के बीच संतुलन
अक्सर देखा गया है कि आवारा कुत्तों को हटाने के दौरान पशु प्रेमियों और स्थानीय निवासियों के बीच टकराव होता है। योगी सरकार का यह कदम इस टकराव को खत्म करने की दिशा में बड़ा प्रयास है। जब कुत्तों को सही तरीके से शेल्टर होम में रखा जाएगा और उनकी नसबंदी होगी, तो सड़कों पर हादसों की संख्या में स्वतः ही कमी आएगी।



