तीसरे विश्व युद्ध की दस्तक? खामेनेई की मौत पर राष्ट्रपति पेजेश्कियन का हुंकार- ‘यह मुसलमानों के खिलाफ खुली जंग है!’

: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का बड़ा ऐलान। क्या मध्य पूर्व में शुरू होने वाला है महायुद्ध? जानें पूरी रिपोर्ट।

Khamenei’s Death and Iran’s Revenge: मध्य पूर्व (Middle East) से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इसे “मुसलमानों और शिया समुदाय के खिलाफ खुली जंग” करार दिया है। इस घटना ने न केवल ईरान बल्कि वैश्विक राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस मौत की पुष्टि किए जाने के बाद अब ईरान और इजरायल-अमेरिका गठबंधन के बीच सीधी टक्कर की संभावना बढ़ गई है।

अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले का आरोप: ‘दोषियों को पछतावा होगा’

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सरकारी टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि सर्वोच्च नेता खामेनेई की हत्या अमेरिका और इजरायल के एक संयुक्त सैन्य ऑपरेशन का परिणाम है। उन्होंने इस घटना को केवल एक राजनीतिक हत्या नहीं, बल्कि वैश्विक शिया नेतृत्व पर एक बड़ा प्रहार बताया। राष्ट्रपति ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा: “ईरान की सर्वोच्च राजनीतिक शक्ति और शिया जगत के मार्गदर्शक की हत्या एक ऐतिहासिक अपराध है। इस साजिश को रचने वालों से बदला लेना अब ईरान का वैध कर्तव्य है। हम इस हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेंगे और अपराधियों को उनके किए पर पछतावा करवाएंगे।” ईरान में इस समय 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। खामेनेई 1989 से ईरान की सत्ता के केंद्र में थे और उनकी कमी ईरान के लिए एक अपूरणीय क्षति मानी जा रही है।

Khamenei's Death and Iran's Revenge
Khamenei’s Death and Iran’s Revenge

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: ‘ईरानी जनता के पास देश वापस लेने का मौका’

इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया ने आग में घी डालने का काम किया है। ट्रंप ने न केवल खामेनेई की मौत की पुष्टि की, बल्कि इसे ईरानी नागरिकों के लिए एक “सुनहरा अवसर” बताया। ट्रंप के अनुसार, यह वह समय है जब ईरान के लोग दमनकारी शासन से मुक्त होकर अपना देश वापस ले सकते हैं। खामेनेई ने लगभग चार दशकों तक ईरान की सेना, विदेश नीति और धार्मिक ढांचे को नियंत्रित किया था। उनकी अचानक मृत्यु से देश के भीतर सत्ता हस्तांतरण (Power Succession) का संकट गहरा गया है। वर्तमान में राष्ट्रपति पेजेश्कियन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी अस्थायी रूप से कमान संभाल रहे हैं, लेकिन भविष्य की राह कांटों भरी नजर आ रही है।

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सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब: क्या शुरू हो चुका है महायुद्ध?

खामेनेई को ‘शहीद’ घोषित किए जाने के बाद तेहरान सहित ईरान के कोने-कोने में जनता सड़कों पर उतर आई है। लोग भारी संख्या में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा चरम पर है और वे सरकार से तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। क्षेत्रीय तनाव की वर्तमान स्थिति:

  • जवाबी हमले: रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने पहले ही क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल की सीमाओं पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं।
  • वैश्विक चिंता: रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और तेज हुआ, तो यह एक पूर्ण विकसित क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिसमें कई अन्य देश भी शामिल हो सकते हैं।
  • एकजुटता की अपील: राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने ईरानी जनता से इस संकट की घड़ी में एकजुट रहने और ‘इस्लामी गणराज्य’ की रक्षा करने का आह्वान किया है।

ईरान ने कसम खाई है कि इस हत्या का बदला “ऐतिहासिक” होगा। अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या यह घटना मध्य पूर्व के भूगोल को हमेशा के लिए बदल देगी? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

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