जिद या जुनून? सिर्फ एक मोबाइल के लिए मां ने उजाड़ दी अपनी ही दुनिया, 3 साल के मासूम संग कुएं में लगा दी छलांग

महाराष्ट्र के बीड में मोबाइल फोन न मिलने पर एक मां ने अपने 3 साल के मासूम बेटे संग कुएं में कूदकर जान दे दी। जानिए क्या है पूरी घटना और पुलिस की जांच में क्या हुआ खुलासा।

Beed Suicide Case: महाराष्ट्र (Maharashtra) के बीड (Beed) जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। एक मामूली से मोबाइल फोन की मांग पूरी न होने पर एक महिला ने इतना खौफनाक कदम उठाया कि उसने अपने साढ़े तीन साल के मासूम बेटे को भी मौत के घाट उतार दिया और खुद भी जान दे दी।

क्या है पूरा मामला: मोबाइल फोन बना काल (What is the whole story? The mobile phone became the cause of death)

घटना बीड तालुका के लिंबारूई (Limbarui) इलाके की है। जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय प्राजक्ता उर्फ राधा रामेश्वर दराडे (Radha Rameshwar Darade) पिछले कुछ समय से अपने पति रामेश्वर बाबासाहेब दराडे से एक नए मोबाइल फोन की मांग कर रही थी। आर्थिक तंगी या किसी अन्य कारण से पति ने तुरंत फोन दिलाने में असमर्थता जताई। यही छोटी सी बात घर में बड़े विवाद का कारण बन गई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि आवेश में आकर प्राजक्ता ने अपने साढ़े तीन साल के बेटे ‘वेदांत’ को उठाया और खेत में बने एक गहरे कुएं की ओर दौड़ पड़ी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, मां ने अपने जिगर के टुकड़े के साथ मौत की छलांग लगा दी। कुएं में डूबने से मां और बेटे दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

Beed Suicide Case
Beed Suicide Case

पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा: 31 दिसंबर की घटना, अब हुई FIR (Police investigation reveals shocking details: The incident occurred on December 31st, but the FIR was filed only now)

शुरुआत में इस मामले को एक सामान्य दुर्घटना (ADR) के तौर पर देखा जा रहा था। यह घटना 31 दिसंबर 2025 की है। नए साल की पूर्व संध्या पर जहां पूरी दुनिया जश्न मना रही थी, वहीं इस परिवार में मातम पसरा था। बीड ग्रामीण थाना पुलिस ने जब इस मामले की गहराई से जांच शुरू की और पति रामेश्वर के बयान दर्ज किए, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। पुलिस को पता चला कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि मोबाइल फोन को लेकर हुए झगड़े का खौफनाक अंजाम था। गहन छानबीन और तथ्यों के सत्यापन के बाद, 31 जनवरी 2026 को पुलिस ने इस मामले में विस्तृत एफआईआर (FIR) दर्ज की। पुलिस इंस्पेक्टर अशोक मुदिराज के अनुसार, मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है ताकि घटना के पीछे की मानसिक स्थिति और अन्य संभावित कारणों का पता लगाया जा सके।

इसे भी पढें: मोमोज का ऐसा ‘खूनी’ चस्का! 7वीं के छात्र ने चटनी के चक्कर में लुटा दिए 85 लाख के गहने, हकीकत जानकर कांप जाएगी रूह

समाज के लिए चेतावनी: क्यों बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं? (A warning to society: Why are such incidents increasing?)

एक मामूली मोबाइल फोन की कीमत दो इंसानी जिंदगियों से बड़ी कैसे हो गई? यह सवाल आज हर किसी के मन में है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि आधुनिक युग में गैजेट्स और सोशल मीडिया के प्रति बढ़ती लत (Addiction) लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है।

  • बढ़ता मानसिक तनाव: छोटी-छोटी जरूरतों का पूरा न होना लोगों में भारी कुंठा (Frustration) पैदा कर रहा है।
  • आवेश पर नियंत्रण की कमी: क्षणिक गुस्से में लिए गए फैसले पूरे परिवार को बर्बाद कर रहे हैं।
  • संवाद का अभाव: पति-पत्नी के बीच हेल्दी कम्युनिकेशन की कमी ऐसे विवादों को सुसाइड जैसे आत्मघाती कदम तक ले जाती है।

लिंबारूई की इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र को स्तब्ध कर दिया है। एक हंसता-खेलता घर सिर्फ इसलिए उजड़ गया क्योंकि आवेश और गुस्से ने सोचने-समझने की शक्ति को खत्म कर दिया था।

Related Articles

Back to top button