मां का सपना पूरा कर बनी थीं ‘SWAT कमांडो’, पर दहेज के दानव ने छीन ली काजल और उसके अनजन्मे बच्चे की सांसें
दिल्ली पुलिस की जांबाज SWAT कमांडो काजल की उनके पति ने बेरहमी से हत्या कर दी। दहेज के लालच में एक मां का सपना और एक अनजन्मे बच्चे की सांसें कैसे थमीं, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Delhi Police Kajal Murder: वर्दी का जुनून, आंखों में मां का अधूरा सपना और देश सेवा का जज्बा… ये पहचान थी 27 वर्षीय काजल (Kajal) की। लेकिन किसे पता था कि जिस सिर पर वह गर्व से पुलिस की टोपी पहनती थीं, उसी सिर पर उनके जीवनसाथी ने डंबल से प्रहार कर उनकी जान ले ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल वेपन्स एंड टैक्टिक्स (SWAT) यूनिट की जांबाज सिपाही काजल अब हमारे बीच नहीं रहीं। यह कहानी सिर्फ एक हत्या की नहीं है, बल्कि एक टूटते सपने और दहेज की उस बलिबेदी की है जिसने एक होनहार अफसर को हमसे छीन लिया।
लोहे के डंबल से हमला और ‘ब्रेन-डेड’: दिल दहला देने वाली वारदात
घटना 22 जनवरी की रात दिल्ली के द्वारका इलाके की है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, काजल और उनके पति अंकुर चौधरी के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई। गुस्सा इस कदर बढ़ा कि रक्षा मंत्रालय में क्लर्क के पद पर तैनात अंकुर ने आपा खो दिया। उसने पास रखे लोहे के डंबल से काजल के सिर पर ताबड़तोड़ हमला किया और उनका सिर दरवाजे के चौखट पर दे मारा। बेहद दुखद पहलू यह है कि हमले के वक्त काजल चार महीने की गर्भवती थीं। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रेन-डेड’ घोषित कर दिया था। मंगलवार को जिंदगी की जंग लड़ते हुए इस जांबाज कमांडो ने दम तोड़ दिया।

मां का अधूरा सपना: गन्नौर की बेटी से दिल्ली की कमांडो तक का सफर
हरियाणा के गन्नौर की रहने वाली काजल की कहानी प्रेरणा से भरी थी। उनकी मां, मीना का बचपन का सपना पुलिस अधिकारी बनने का था, जो पारिवारिक जिम्मेदारियों की वजह से अधूरा रह गया था। मीना ने अपनी हार नहीं मानी और अपनी बेटी काजल को बचपन से ही वर्दी के लिए तैयार किया।
- शिक्षा (Education): सोनीपत और पानीपत से पढ़ाई पूरी की।
- करियर (Career): 2022 में दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुईं।
- उपलब्धि (Achievement): कठिन ट्रेनिंग पास कर स्पेशल सेल की ‘ऑल-विमेन SWAT यूनिट’ में जगह बनाई।
काजल के भाई निखिल भी दिल्ली पुलिस में हैं। काजल ने अपनी मेहनत से न केवल अपनी मां का सपना जिया, बल्कि समाज के लिए एक मिसाल पेश की।
दहेज का लालच और फोन पर गूंजी आखिरी चीख
काजल की मौत के पीछे दहेज की मांग और लालच का काला सच सामने आ रहा है। मां मीना का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों ने कार और नकदी के लिए काजल को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। वारदात की रात का मंजर और भी खौफनाक था। काजल के भाई निखिल ने बताया कि जिस वक्त हमला हुआ, वह काजल से फोन पर बात कर रहे थे। निखिल ने अपनी बहन की आखिरी चीखें फोन पर सुनीं, लेकिन वह उन्हें बचा नहीं पाए। एक होनहार महिला कमांडो, जो आतंकियों और अपराधियों से लड़ने की ट्रेनिंग ले चुकी थी, अपने ही घर में अपनों के हाथों हार गई।



