ओडिशा (Odisa) के सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व में दिखा रहस्यमयी ब्लैक टाइगर,बेहद दुर्लभ प्रजाति का अनोखा नज़ारा
ओडिशा (Odisa) के सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व में बेहद दुर्लभ ब्लैक टाइगर दिखा है। दुनिया में 10 हजार में से सिर्फ एक बाघ के ब्लैक होने की संभावना होती है।

ओडिशा (Odisa) के सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व में एक बार फिर बेहद दुर्लभ ब्लैक टाइगर(black tiger) दिखाई दिया है। यह दृश्य कैमरे में कैद होने के बाद देशभर के वन्यजीव विशेषज्ञों और वाइल्डलाइफ़ प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।
दुनिया में 10 हजार में से सिर्फ एक बाघ के ब्लैक होने की संभावना
विशेषज्ञों के अनुसार, मेलानिस्टिक टाइगर की संख्या बेहद कम होती है। अनुमानतः 10,000 बाघों में से केवल एक में यह जेनेटिक बदलाव दिखाई देता है, जो उसे सामान्य बाघों की तुलना में काफी अधिक काले रंग का बनाता है।
ये तस्वीरें बेहद अद्भुत हैं,
ओडिशा के सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व में देखा गया ब्लैक टाइगर,
10 हजार में से किसी एक बाघ के ही ब्लैक होने की संभावना होती है। pic.twitter.com/qD3UaxvuQw— Dr Anurag bhadouria (@anuragspparty) November 28, 2025
मेलानिज़्म के कारण बदलता है शरीर का रंग
ब्लैक टाइगर वास्तव में कोई अलग प्रजाति नहीं, बल्कि एक मेलानिस्टिक टाइगर होता है। इसमें काली धारियां सामान्य से काफी चौड़ी होती हैं, जिसके कारण वह पूरी तरह गहरा दिखाई देता है। वैज्ञानिक इसे एक दुर्लभ जेनेटिक म्यूटेशन मानते हैं।
सिमिलिपाल—दुनिया में एकमात्र जगह जहाँ नियमित रूप से मिलते हैं ब्लैक टाइगर(black tiger)
विशेष बात यह है कि दुनिया भर में ब्लैक टाइगर की sightings बेहद कम हैं, लेकिन सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व में पिछले कई वर्षों से इन्हें लगातार देखा जा रहा है। शोधकर्ताओं के अनुसार, रिजर्व का प्राकृतिक माहौल और सीमित जेनेटिक विविधता इसके पीछे मुख्य कारण हो सकते हैं।
वन विभाग की पुष्टि, निगरानी हुई तेज
वन विभाग ने इस नई sighting की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। साथ ही रिजर्व में बाघों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की दुर्लभ झलकें संरक्षण के प्रयासों की सफलता का मजबूत संकेत हैं।



