महाविनाश की आहट! ईरान-इजरायल जंग से दहल उठा दुनिया का बाजार; तेल, शेयर और सोना… भारत में मचेगी भारी खलबली!
ईरान-इजरायल युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था में भूचाल! कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, शेयर बाजार में कोहराम और सोने-चांदी के आसमान छूते दाम। जानें भारतीय निवेशकों पर इसका क्या होगा असर।
Iran-Israel War Impact on India: मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव अब उस दहलीज पर पहुंच गया है, जहां से वापसी का रास्ता नजर नहीं आ रहा। ईरान (Iran) द्वारा इजरायल और अमेरिका (Israel and America) के सैन्य ठिकानों पर किए गए ताबड़तोड़ हमलों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की नींव हिला दी है। दुबई (Dubai), कुवैत (Kuwait) और कतर (Qatar) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिसाइलें दागने के बाद अब डर केवल युद्ध का नहीं, बल्कि आर्थिक तबाही का भी है। सोमवार को जब बाजार खुलेगा, तो भारतीय निवेशकों और आम आदमी की जेब पर इसका सीधा प्रहार होना तय है। आइए समझते हैं कि ईरान-इजरायल युद्ध (Iran–Israel War) का भारत पर असर किन प्रमुख क्षेत्रों में सबसे ज्यादा दिखने वाला है।
कच्चे तेल की कीमतों में आग: क्या ₹100 के पार जाएगा पेट्रोल (Will petrol cross ₹100)?
मिडिल ईस्ट दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र है। ईरान और इजरायल (Iran and Israel) के बीच छिड़ी इस जंग का सबसे पहला और घातक असर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर पड़ेगा।
- स्ट्रेच ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) का संकट: दुनिया का लगभग 20-30% तेल आयात इसी संकरे समुद्री रास्ते से होता है। युद्ध की स्थिति में अगर ईरान इस रास्ते को ब्लॉक करता है, तो सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो जाएगी।
- महंगाई का डर (Fear of inflation): शुक्रवार को कच्चा तेल $67.02 प्रति बैरल पर बंद हुआ था, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोमवार को इसमें भारी उछाल आएगा। भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने से माल ढुलाई महंगी होगी और सीधा असर आपकी थाली की महंगाई पर पड़ेगा।

शेयर बाजार में ‘ब्लैक मंडे’ के संकेत (Signs of ‘Black Monday’ in the stock market): निवेशकों के डूब सकते हैं करोड़ों (Investors may lose crores)
भारतीय शेयर बाजार पहले से ही दबाव में था, लेकिन अब युद्ध की खबरों ने आग में घी का काम किया है। बीते शुक्रवार को ही सेंसेक्स (Sensex) 961 अंक और निफ्टी (Nifty) 317 अंक लुढ़क कर बंद हुए थे। शेयर बाजार में गिरावट की मुख्य वजहें:
- विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली: युद्ध जैसी अनिश्चितता की स्थिति में विदेशी निवेशक उभरते बाजारों (जैसे भारत) से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर भागते हैं।
- कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव (Pressure on corporate margins): कच्चा तेल महंगा होने से पेंट, टायर, लॉजिस्टिक्स और एविएशन सेक्टर की कंपनियों की लागत बढ़ जाएगी, जिससे उनके मुनाफे में कमी आएगी।
- पैनिक सेलिंग (Panic selling): छोटे निवेशक डर के मारे अपनी होल्डिंग्स बेचने लगेंगे, जिससे बाजार में बड़ी गिरावट आ सकती है।
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सोना और चांदी (Gold and silver): सुरक्षित निवेश की चमक होगी और तेज (Safe havens will shine brighter)
जब भी दुनिया में युद्ध छिड़ता है, तो करेंसी और शेयर बाजार की वैल्यू कम होने लगती है। ऐसे में निवेशक ‘Safe Haven’ यानी सोने और चांदी (Gold and Silver) की ओर रुख करते हैं। वर्तमान में सोने की कीमतें ₹1,61,971 (10 ग्राम) और चांदी ₹2,74,389 के ऐतिहासिक स्तरों के आसपास हैं। युद्ध की खबरों के बाद इनके दामों में और भी अधिक तेजी आने की संभावना है।



