राम लला के प्राण प्रतिष्ठा में आडवाणी ने जाने से किया इंकार
लालकृष्ण आडवाणी ने न्योता स्वीकार करते समय अयोध्या जाने की पुष्टि करी थी।ऐसे में एन वक़्त पर लालकृष्ण आडवाणी का ना आना निश्चित तौर पर पीएम पर कई सवाल खड़े करता है।

अयोध्या के राममंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का वो दिन, जिसका इंतजार सभी को था,आज आ गया है. आज रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य समारोह आयोजित जा रहा है. पीएम मोदी इस अवसर पर वहां उपस्थित हैं, लेकिन भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे है जिससे पीएम मोदी की मुश्किलें बढ़ गई है और वह सवालो के घेरे में खड़े हो गये है।
दरअसल,ऐसी खबरें चल रही हैं कि आडवाणी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने अयोध्या नहीं जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा बताया जा रहा है कि ठंडे मौसम की वजह से वह अयोध्या नहीं जा रहे हैं।हालांकी लोग इसके कई और मायने निकाल रहे है और पीएम मोदी पर उंगली उठा रहे है। ऐसा इसलिये क्योकि राम मंदिर ट्रस्ट ने राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे रहे लालकृष्ण आडवाणी के साथ राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी को बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का हवाला देते हुए इन दोनों दिग्गजों को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने से मना कर दिया था। उसके बाद भी लालकृष्ण आडवाणी ने न्योता स्वीकार करते समय अयोध्या जाने की पुष्टि करी थी।ऐसे में एन वक़्त पर लालकृष्ण आडवाणी का ना आना निश्चित तौर पर पीएम पर कई सवाल खड़े करता है।
मालुम हो कि लालकृष्ण आडवाणी 90 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रहे थे। उन्हीं के नेतृत्व में साल 1990 में भाजपा ने गुजरात के सोमनाथ से राम रथयात्रा शुरू की थी। ‘मंदिर वहीं बनाएंगे’ के नारे से लालकृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर आंदोलन को आम जनमानस में चर्चित कर दिया था।


