आजादी के 78 साल बाद भी बिहार में ‘छुआछूत’? श्मशान का रास्ता रोका तो बीच सड़क पर ही जला दी बुजुर्ग महिला की चिता!
बिहार के वैशाली में मानवता शर्मसार! महादलित महिला के शव को श्मशान ले जाने से रोका गया, तो परिजनों ने बीच सड़क पर किया दाह संस्कार। जानें क्या है पूरा मामला और प्रशासन की कार्रवाई।
Vaishali News: बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने न केवल सरकार के दावों की पोल खोल दी है, बल्कि सामाजिक समानता के नारों पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। एक 91 साल की बुजुर्ग महिला की मृत्यु के बाद, उनके परिवार को अंतिम विदाई देने के लिए श्मशान की भूमि तक नसीब नहीं हुई। कथित तौर पर “प्रभावशाली” लोगों द्वारा रास्ता रोके जाने के बाद, मजबूर परिवार ने बीच सड़क (चौराहे) पर ही शव का दाह संस्कार कर दिया।
श्मशान के रास्ते पर ‘कब्जा’ और दबंगई: क्या है पूरा मामला?
यह हृदयविदारक घटना वैशाली जिले के गोराउल थाना अंतर्गत सोंधो-वासुदेव गांव की है। 28 जनवरी (बुधवार) की रात 91 वर्षीय झपसी देवी का निधन हो गया था। गुरुवार सुबह जब ग्रामीण और परिजन अंतिम यात्रा लेकर पारंपरिक श्मशान घाट की ओर बढ़ रहे थे, तो उन्हें रोक दिया गया। आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने रास्ते पर अतिक्रमण कर रखा है और दलित परिवार को वहां से गुजरने नहीं दिया गया। काफी देर तक चले विवाद और मिन्नतों के बाद भी जब रास्ता नहीं मिला, तो आक्रोशित और असहाय परिजनों ने गांव के मुख्य चौराहे (सड़क) पर ही चिता सजाई और मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

“हम गरीब हैं, कहां जाएं?” – पीड़ित परिवार का छलका दर्द
मृतका के बेटे संजीत मांझी की आंखों में लाचारी और गुस्सा साफ दिखाई दिया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “जब हमें श्मशान जाने से रोक दिया गया और कोई रास्ता नहीं बचा, तब ग्रामीणों के सहयोग से हमने बीच सड़क पर ही मां का दाह संस्कार करने का फैसला लिया।” वहीं, 67 वर्षीय ग्रामीण मेवालाल मांझी ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “हमारे पास न जमीन है, न घर। अब क्या हमें अपने प्रियजनों को सम्मान से विदा करने का हक भी नहीं है? यह कैसी आजादी है जहाँ गरीबों के लिए श्मशान का रास्ता भी बंद है।” इस बयान ने इलाके में व्याप्त सामाजिक असमानता और भूमि विवाद की गहरी जड़ को उजागर कर दिया है।
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प्रशासन की नींद टूटी: DM और SP ने लिया जायजा, जांच कमेटी गठित
मामला तूल पकड़ते ही शुक्रवार (30 जनवरी) को वैशाली की DM वर्षा सिंह और SP विक्रम सिहाग भारी पुलिस बल के साथ सोंधो-वासुदेव गांव पहुंचे। शुरुआती जांच में SP सिहाग ने स्वीकार किया कि श्मशान घाट की ओर जाने वाला रास्ता बाधित है। प्रशासनिक जांच में सामने आए मुख्य बिंदु:
- श्मशान जाने वाले पुराने रास्ते पर कंक्रीट की दुकानें और एक मंदिर बना हुआ है।
- यह अतिक्रमण लगभग 8 से 10 साल पुराना बताया जा रहा है।
- प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया है।
DM वर्षा सिंह ने आश्वासन दिया है कि अवैध निर्माण को हटाने और श्मशान के रास्ते को स्थायी रूप से खोलने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, राजनीतिक गलियारों में भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रवक्ता राजेश भट्ट ने घटना पर दुख जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त मुकदमे की मांग की है।



