गणतंत्र दिवस से पहले झांसी जेल में मातम: परेड की वर्दी तैयार करते समय डिप्टी जेलर को आया हार्ट अटैक, मौत
यूपी के झांसी जिला जेल में तैनात डिप्टी जेलर सुरेंद्र कुमार की गणतंत्र दिवस परेड की तैयारी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। जानिए पूरी घटना, परिवार का दर्द और प्रशासन की प्रतिक्रिया।
Jhansi District Jail: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के झांसी से गणतंत्र दिवस के दिन एक बेहद दुखद और भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। झांसी (Jhansi) जिला जेल में तैनात डिप्टी जेलर सुरेंद्र कुमार (Surendra Kumar) की हार्ट अटैक से अचानक मौत हो गई। हैरानी की बात यह रही कि यह हादसा उस वक्त हुआ, जब वे 26 जनवरी की परेड के लिए अपनी वर्दी तैयार कर रहे थे। इस घटना से न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे जेल प्रशासन और सहकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई।
परेड की तैयारी करते समय अचानक बिगड़ी तबीयत
गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां पूरे देश में जोरों पर थीं। झांसी जिला जेल में तैनात डिप्टी जेलर सुरेंद्र कुमार (56) भी 26 जनवरी की परेड में शामिल होने के लिए पूरी जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ तैयारी कर रहे थे। रविवार देर रात, ड्यूटी से लौटने के बाद वे अपने घर पर वर्दी को अंतिम रूप दे रहे थे। इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। परिवार के लोगों ने बताया कि दर्द इतना ज्यादा था कि वे खुद को संभाल नहीं पाए। परिजन बिना समय गंवाए उन्हें तत्काल झांसी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक रिपोर्ट में डॉक्टरों ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक डिप्टी जेलर के बेटे योगेश कुमार ने बताया कि उनके पिता पूरी तरह स्वस्थ दिख रहे थे और अगले दिन की जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित भी थे। योगेश के अनुसार, “पापा हमेशा अपने काम को लेकर बेहद गंभीर रहते थे। वे परेड की वर्दी खुद तैयार कर रहे थे। अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और कुछ ही मिनटों में सब कुछ बदल गया।” परिवार के लिए यह घटना किसी सदमे से कम नहीं है। एक जिम्मेदार अधिकारी, एक अनुशासित पिता और परिवार के मजबूत स्तंभ का इस तरह अचानक चले जाना सभी को झकझोर गया।
हाल ही में हुआ था झांसी तबादला, सहकर्मियों में शोक
सुरेंद्र कुमार का हाल ही में गाजियाबाद से झांसी जिला जेल में तबादला हुआ था। जेल विभाग में उन्हें एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित अधिकारी के रूप में जाना जाता था। घटना की सूचना मिलते ही जेल अधीक्षक विनोद कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिवार शव को अंतिम संस्कार के लिए मुरादाबाद जिले स्थित उनके पैतृक गांव लेकर गया। जेल प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से शोक व्यक्त किया गया और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की गई।
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गणतंत्र दिवस पर छाया मातम
जिस दिन पूरा देश गणतंत्र दिवस के जश्न की तैयारी में जुटा था, उसी दिन एक जिम्मेदार अधिकारी की इस तरह आकस्मिक मौत ने माहौल को गमगीन कर दिया। ड्यूटी और देश के प्रति समर्पण की भावना के साथ अंतिम क्षणों तक सक्रिय रहे सुरेंद्र कुमार की मौत ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि अत्यधिक कार्य दबाव और तनाव किस तरह जीवन पर असर डाल रहा है।



