US Visa Ban Shock: ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला, रूस-ईरान समेत 75 देशों के नागरिकों पर अमेरिका में एंट्री बैन

अमेरिका ने रूस, ईरान समेत 75 देशों के नागरिकों के लिए वीज़ा प्रक्रिया रोकी। ट्रंप प्रशासन का बड़ा इमिग्रेशन फैसला, जानें पूरी डिटेल।

US Visa Ban Shock: अमेरिका जाने की योजना बना रहे लाखों लोगों के लिए एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के प्रशासन ने रूस, ईरान, अफगानिस्तान समेत 75 देशों के नागरिकों के लिए अमेरिकी वीज़ा प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। यह निर्णय 21 जनवरी से लागू किया जाएगा और फिलहाल इसकी कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। फॉक्स न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला अमेरिकी विदेश विभाग के एक आंतरिक मेमो के आधार पर लिया गया है, जिसमें दुनियाभर में स्थित अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अगली समीक्षा तक नए वीज़ा जारी न करें।

21 जनवरी से लागू होगा US Visa Ban, अनिश्चितकाल तक रोक

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वीज़ा सस्पेंशन अनिश्चितकाल के लिए हो सकता है। अमेरिकी विदेश विभाग अपनी मौजूदा वीज़ा और सुरक्षा प्रक्रियाओं की दोबारा समीक्षा (Re-evaluation) कर रहा है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक इन 75 देशों से आने वाले यात्रियों के लिए किसी भी प्रकार का नया वीज़ा जारी नहीं किया जाएगा। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह रोक केवल टूरिस्ट वीज़ा पर लागू होगी या फिर स्टूडेंट, वर्क और बिज़नेस वीज़ा भी इसके दायरे में आएंगे।

US Visa Ban Shock
US Visa Ban Shock

रूस-ईरान (Russia-Iran) समेत कौन-कौन से देश हैं बैन लिस्ट में?

फॉक्स न्यूज़ द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, जिन प्रमुख देशों के नाम सामने आए हैं, उनमें शामिल हैं:

  • रूस (Russia)
  • ईरान (Iran)
  • अफगानिस्तान (Afghanistan)
  • सोमालिया (Somalia)
  • यमन (Yemen)
  • नाइजीरिया (Nigeria)
  • मिस्र (Egypt)
  • थाईलैंड (Thailand)
  • ब्राज़ील (Brazil)

इनके अलावा भी कई एशियाई, अफ्रीकी और लैटिन अमेरिकी देश इस US Visa Ban on 75 Countries की सूची में शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अभी तक आधिकारिक तौर पर पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की है।

ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीति का हिस्सा है फैसला

यह फैसला ट्रंप प्रशासन की पहले से चली आ रही कड़ी आव्रजन नीति (Strict Immigration Policy) का ही एक और उदाहरण माना जा रहा है। जनवरी में सत्ता संभालने के बाद से ही राष्ट्रपति ट्रंप अवैध आव्रजन और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते रहे हैं। नवंबर में व्हाइट हाउस के पास हुई एक गोलीबारी की घटना के बाद, जिसमें एक नेशनल गार्ड सदस्य की मौत हो गई थी, ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से “तीसरी दुनिया के देशों” से इमिग्रेशन पर स्थायी रोक लगाने की बात कही थी। मौजूदा वीज़ा बैन को उसी बयान की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

अमेरिकी विदेश विभाग की चुप्पी, बढ़ी अनिश्चितता

इस पूरे मामले पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। विभाग के प्रतिनिधियों ने मीडिया द्वारा मांगी गई प्रतिक्रिया पर तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि वीज़ा प्रक्रिया दोबारा कब शुरू होगी, इस पर सरकार ने कोई समयसीमा नहीं बताई है। इससे छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के भविष्य की योजनाओं पर गहरा असर पड़ सकता है।

इसे भी पढें: ईरान की चेतावनी से हिला अमेरिका! क्या मिडिल ईस्ट युद्ध की ओर बढ़ रहा है? अमेरिकी सैनिकों की वापसी से बढ़ा तनाव

विशेषज्ञों की राय: सुरक्षा बनाम वैश्विक रिश्ते

इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फैसला अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज़ से महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों, शिक्षा और ग्लोबल बिज़नेस पर नकारात्मक असर पड़ने की भी आशंका है। खासतौर पर रूस और ईरान जैसे देशों के साथ पहले से तनावपूर्ण रिश्तों के बीच यह कदम राजनीतिक विवाद को और बढ़ा सकता है।

Related Articles

Back to top button