शादी के 90 दिन बाद ‘खूनी वॉक’: डिनर के बाद पति को टहलने ले गई पत्नी, झाड़ियों में छिपे प्रेमी ने मफलर से घोंट दिया गला

श्रीगंगानगर में शादी के 3 महीने बाद ही पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति आशीष की बेरहमी से हत्या कर दी। डिनर के बाद टहलने का बहाना बना कर रची गई खौफनाक साजिश। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Rajasthan Sriganganagar Murder Case: प्यार, धोखा और फिर रोंगटे खड़े कर देने वाली हत्या। श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने मानवीय रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। महज 3 महीने पहले जिस युवती ने सात फेरे लेकर सात जन्मों का साथ निभाने का वादा किया था, उसी ने अपने पुराने प्रेमी के साथ मिलकर अपने सुहाग का अंत कर दिया। इस राजस्थान श्रीगंगानगर मर्डर केस ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

प्यार का जुनून और मजबूरी की शादी: साजिश की शुरुआत

सादुलशहर की रहने वाली 23 वर्षीय अंजली उर्फ अर्जु और संजय उर्फ संजू (25) पिछले 6-7 सालों से एक-दूसरे के प्यार में गिरफ्तार थे। दोनों ने श्रीगंगानगर के एक ही कॉलेज से ग्रेजुएशन की थी। अंजली के परिवार को इस रिश्ते की भनक थी, लेकिन सामाजिक दबाव और अन्य कारणों से उन्होंने 30 अक्टूबर 2025 को अंजली की शादी रावला निवासी आशीष कुमार (27) से कर दी। आशीष एक होनहार युवक था, जिसने बीएससी करने के बाद हाल ही में एक प्राइवेट स्कूल में टीचर के तौर पर अपनी पारी शुरू की थी। उसे क्या पता था कि जिस पत्नी के साथ वह भविष्य के सपने देख रहा है, वह उसके काल की योजना बना रही है। अंजली शादी के बाद भी संजय को नहीं भूल पाई थी और वह बार-बार श्रीगंगानगर जाकर पढ़ने का बहाना करती थी ताकि प्रेमी के पास रह सके, लेकिन आशीष ने उसे भेजने से मना कर दिया। यही इनकार उसकी मौत का कारण बन गया।

Rajasthan Sriganganagar Murder Case
Rajasthan Sriganganagar Murder Case

डिनर के बाद ‘डेथ वॉक’: ऐसे रची गई खौफनाक साजिश

पुलिस जांच के अनुसार, हत्या से करीब 16 दिन पहले जब अंजली अपने मायके गई थी, तभी उसने संजय के साथ मिलकर ‘रास्ते का कांटा’ हटाने का प्लान तैयार किया। साजिश इतनी शातिर थी कि इसे लूट या हादसे का रूप दिया जाना था। 30 जनवरी की काली रात: अंजली ने घर पर सामान्य व्यवहार किया। रात को खाना खाने के बाद उसने बेहद प्यार से आशीष को बाहर टहलने (Walk) के लिए मनाया। वह उसे घर से करीब 200 मीटर दूर एक सुनसान सड़क पर ले गई। पहले से तय योजना के मुताबिक, उसने प्रेमी संजय को अपनी लोकेशन शेयर कर दी थी। संजय अपने दो दोस्तों—रोहित उर्फ रॉकी और बादल उर्फ सिद्धार्थ- के साथ झाड़ियों में घात लगाकर बैठा था। जैसे ही आशीष और अंजली वहां पहुंचे, अंधेरे का फायदा उठाकर तीनों आरोपियों ने आशीष के सिर पर डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जब मरणासन्न हालत में भी आशीष की सांसें चलती रहीं, तो आरोपियों ने मफलर से उसका गला घोंटकर उसकी जान ले ली।

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लूट का नाटक और पुलिस का पर्दाफाश

हत्या को अंजाम देने के बाद अंजली ने खुद को बचाने के लिए एक ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया था। उसने अपने कान के झुमके और आशीष का मोबाइल फोन संजय को दे दिए ताकि पुलिस को लगे कि यह लूट के इरादे से की गई हत्या है। इसके बाद वह खुद भी मौके पर बेहोश होने का नाटक करने लगी। कैसे खुली पोल? एसपी अमृता दुहन ने बताया कि पुलिस को शुरुआत से ही अंजली की थ्योरी पर शक था। घटनास्थल का निरीक्षण करने पर लूट की कहानी संदिग्ध लगी। जब पुलिस ने अंजली और संदिग्धों के कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। अंजली और संजय के बीच हुई लगातार बातचीत ने सारा राज उगल दिया। “आरोपी पत्नी अंजली, प्रेमी संजय और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इन्हें रिमांड पर लिया है ताकि हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सबूत बरामद किए जा सकें।” – अनूपगढ़ पुलिस प्रशासन

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