ईरान में धमाकों से दहला तेहरान: US के साथ युद्ध की आहट? सैटेलाइट तस्वीरों ने खोल दी ‘कंक्रीट शील्ड’ की गुप्त साजिश!
ईरान के तेहरान में हुए रहस्यमयी धमाके और सैटेलाइट तस्वीरों से खुला ईरान की 'गुप्त' युद्ध तैयारियों का राज। क्या मिडिल ईस्ट में छिड़ने वाला है महायुद्ध? पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
Iran USA Tension: मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध एक बार फिर तेज हो गई है। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की आशंकाओं के बीच ईरान की राजधानी तेहरान के पास एक जोरदार धमाके ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। एक तरफ आसमान में काला धुआं और दूसरी तरफ सैटेलाइट तस्वीरों में कैद होती ईरान की गुपचुप सैन्य तैयारियां- ये दोनों ही संकेत दे रहे हैं कि ईरान किसी बड़े टकराव के लिए खुद को तैयार कर रहा है।
तेहरान के आसमान में धुएं का गुबार: हमला या हादसा?
ईरान के तेहरान प्रांत स्थित पारंद शहर में एक बहुमंजिला इमारत में हुए धमाके ने स्थानीय निवासियों में दहशत पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज में इमारत से काले धुएं का विशाल गुबार उठता देखा गया। हालांकि, ईरान की सरकारी मीडिया और फायर डिपार्टमेंट का दावा है कि यह आग पारंद नदी के किनारे लगी थी, जिसे बुझाने की कोशिशें जारी हैं। दिलचस्प बात यह है कि ईरान ने हाल के दिनों में हुए कई धमाकों को बाहरी हमला मानने से इनकार किया है, जबकि शिराज प्रांत के बाहरी इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में भी संदिग्ध धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अमेरिका तनाव के बीच ये घटनाएं मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा भी हो सकती हैं।

सैटेलाइट इमेज का खुलासा: मिट्टी के नीचे ईरान का ‘अभेद्य किला’
जहाँ एक तरफ ईरान शांति की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सैटेलाइट तस्वीरों ने उसकी गुप्त तैयारियों की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अपनी संवेदनशील मिलिट्री साइट्स पर कंक्रीट के रक्षाकवच (Shields) बना रहा है। अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए इन कंक्रीट स्ट्रक्चर्स को मिट्टी की मोटी परतों से ढका जा रहा है।
- मरम्मत और मजबूती: तस्वीरों से पता चलता है कि 2024 में इजरायली बमबारी से क्षतिग्रस्त हुए मिसाइल बेस और न्यूक्लियर साइट्स की युद्धस्तर पर मरम्मत की जा रही है।
- सुरंगों का जाल: ईरान ने अपनी एक मुख्य परमाणु साइट की सुरंग के प्रवेश द्वार को बंद कर दिया है और दूसरी साइट के टनल एंट्रेंस को और अधिक मजबूत बनाया है ताकि हवाई हमलों का असर न हो।
- परचिन मिलिट्री कॉम्पलेक्स: तेहरान से 30 किमी दूर स्थित इस कॉम्प्लेक्स में नई निर्माण गतिविधियां देखी गई हैं। बता दें कि पश्चिमी एजेंसियां इसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम का सबसे संवेदनशील केंद्र मानती हैं।
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कूटनीति बनाम युद्ध: होरमुज की नाकेबंदी और ‘रेड लाइन्स’
जिनेवा में 17 फरवरी को ओमान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई। हालांकि विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे ‘सकारात्मक प्रगति’ बताया है, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मंगलवार को ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होरमुज (Strait of Hormuz) को बंद करने की चेतावनी देते हुए मिसाइल फायर किए। यह दुनिया की तेल सप्लाई लाइन के लिए सीधा खतरा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance का कड़ा बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका की ‘रेड लाइन्स’ को गंभीरता से नहीं ले रहा है। अमेरिका ने जवाब में मिडिल ईस्ट में अपने फाइटर जेट्स, जंगी जहाज और एयर-डिफेंस सिस्टम की तैनाती बढ़ा दी है।



