मंगलुरु जाने की ऐसी सनक! नाबालिग ने खुद को चाकू मारकर रची अपहरण की खौफनाक साजिश, सच्चाई जान उड़ जाएंगे होश
कर्नाटक के बेलथंगडी में एक नाबालिग लड़की ने कॉलेज बदलने के लिए अपहरण की ऐसी झूठी कहानी रची कि पुलिस और विधायक भी हैरान रह गए। जानें कैसे एक 'फिल्मी स्क्रिप्ट' ने पूरे प्रशासन को दौड़ने पर मजबूर कर दिया।
Karnataka Girl Kidnapping Drama: कर्नाटक (Karnataka) के दक्षिण कन्नड़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप भी माथा पीट लेंगे। क्या कोई छात्र अपना कॉलेज बदलवाने के लिए इस हद तक जा सकता है कि पुलिस, अस्पताल और इलाके के विधायक तक की नींद उड़ जाए? बेलथंगडी में एक नाबालिग लड़की ने अपनी ‘फिल्मी’ ख्वाहिश को पूरा करने के लिए एक ऐसी खतरनाक स्क्रिप्ट लिखी, जिसने पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया। लेकिन जब पुलिस ने कड़ियां जोड़नी शुरू कीं, तो जो सच सामने आया उसने सबको हक्का-बक्का कर दिया।
चाकू के निशान और मास्क वाले बदमाश: लड़की की खौफनाक दास्तां
मामले की शुरुआत सोमवार, 9 फरवरी को हुई। पुलिस को एक सूचना मिली जिसने इलाके में सनसनी फैला दी। एक नाबालिग स्कूली छात्रा ने आरोप लगाया कि जब वह कॉलेज जा रही थी, तब तीन नकाबपोश बदमाशों ने उसे रोका। लड़की के मुताबिक, बदमाशों ने उसे जबरन कार के अंदर खींचने की कोशिश की, उसे चाकू दिखाया और उसका बैग छीनकर फरार हो गए। लड़की के हाथ पर चाकू के निशान थे और वह काफी डरी हुई लग रही थी। खबर फैलते ही स्थानीय विधायक भी अस्पताल पहुंच गए और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे ‘गंभीर चूक’ करार दिया। पुलिस ने भी बिना वक्त गंवाए अपहरण और हमले की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की कमान संभाल ली।

CCTV और बयानों का झोल: जब पुलिस को हुआ लड़की पर शक
कॉलेज बदलने के लिए अपहरण का ड्रामा रचने वाली इस लड़की ने शुरुआती जांच में पुलिस को खूब घुमाया। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को कहानी में छेद दिखने लगे:
- CCTV का सच: पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सभी रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। हैरानी की बात थी कि पूरे इलाके में उस समय कोई संदिग्ध कार या मास्क पहने हुए लोग नजर ही नहीं आए।
- बयानों में विरोधाभास: लड़की बार-बार अपनी बात बदल रही थी। कभी वह कार का रंग सफेद बताती, तो कभी कुछ और। घटना की जगह को लेकर भी उसके बयानों में तालमेल नहीं था।
- डॉक्टरों की रिपोर्ट: जब डॉक्टरों ने लड़की के हाथ पर लगे जख्मों की जांच की, तो उन्होंने साफ कहा कि ये चोटें किसी हमलावर ने नहीं मारी हैं, बल्कि ‘सेल्फ-इन्फ्लिक्टेड’ (खुद से लगाई हुई) लग रही हैं और बेहद सतही हैं।
किताबों की राख और झूठी गवाही: ऐसे खुला ‘मास्टरप्लान’ का राज
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लड़की ने घर के पास अपनी किताबें तक जला दी थीं और दावा किया था कि किडनैपर उसका बैग और किताबें ले गए हैं। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो लड़की का सब्र टूट गया और उसने जो कबूलनामा किया, उसे सुनकर पुलिस सुपरिटेंडेंट (SP) डॉक्टर अरुण के भी दंग रह गए। लड़की ने बताया कि उसे अपने गांव का कॉलेज बिल्कुल पसंद नहीं था। वह मंगलुरु शहर के एक बड़े कॉलेज में पढ़ना चाहती थी। घरवाले कॉलेज बदलने को तैयार नहीं थे, इसलिए उसने खुद को चोट पहुंचाई, अपनी ही किताबें जलाईं और अपहरण का यह नाटक रचा ताकि डर के मारे उसके माता-पिता उसका दाखिला शहर में करा दें। गवाह का कबूलनामा: इस पूरे ड्रामे में लड़की ने एक गवाह भी तैयार किया था। उस शख्स ने पहले तो लड़की की कहानी दोहराई, लेकिन जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो उसने मान लिया कि उसने सिर्फ लड़की के कहने पर झूठ बोला था।
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अब क्या होगा लड़की का?
पुलिस सुपरिटेंडेंट ने पुष्टि की है कि यह पूरी घटना मनगढ़ंत थी और लड़की ने सिर्फ कॉलेज बदलने के लिए अपहरण का ड्रामा किया था। चूंकि लड़की नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने नरम रुख अपनाते हुए केस बंद कर दिया है। फिलहाल उसे और उसके परिवार को काउंसलिंग दी जा रही है। इस मामले में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) को भी शामिल किया गया है ताकि लड़की के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य का ध्यान रखा जा सके।



