“IAS ट्रेनिंग का झांसा, नीली बत्ती का सपना और 26 लाख की ठगी: कानपुर में फर्जी DM का बड़ा खुलासा”
कानपुर में फर्जी DM बनकर IAS ट्रेनिंग का झांसा देने वाले युवक ने युवती से 26 लाख रुपये और गहने ठग लिए, पुलिस ने भेजा जेल।
Fake DM Fraud Case In Kanpur: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) से एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को IAS अधिकारी बताकर युवती को झांसे में लिया और उससे न सिर्फ शारीरिक बल्कि भारी आर्थिक शोषण भी किया। आरोपी युवक ने खुद को पहले बैंक अधिकारी, फिर SDM और अंत में कानपुर का जिलाधिकारी (DM) बताकर युवती से करीब 26 लाख रुपये नकद और लाखों के गहने ऐंठ लिए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बैंक अफसर से DM बनने तक की झूठी कहानी
कल्याणपुर (Kalyanpur) क्षेत्र की रहने वाली युवती की मुलाकात वर्ष 2023 में अपने चचेरे भाई की शादी के दौरान चकेरी निवासी नितेश पांडे से हुई थी। शुरुआती बातचीत में नितेश ने खुद को एक बैंक का फील्ड अफसर बताया और धीरे-धीरे युवती से नजदीकियां बढ़ा लीं। कुछ समय बाद आरोपी ने कहानी बदली और खुद को SDM पद पर चयनित बताया। उसने पहले अपनी पोस्टिंग बांदा और फिर महोबा में बताई। यहीं नहीं, उसने यह भी दावा किया कि वह मुख्यमंत्री कार्यालय से अटैच है और साथ-साथ IAS की तैयारी कर रहा है।

फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर और IAS ट्रेनिंग का नाटक
युवती का भरोसा पूरी तरह जीतने के लिए नितेश ने कानपुर DM का फर्जी नियुक्ति पत्र भी व्हाट्सएप पर भेज दिया। आरोपी अक्सर फोन पर कहता था- “मैं IAS की ट्रेनिंग में हूं, लौटकर तुम्हें नीली बत्ती वाली गाड़ी में घुमाऊंगा।” IAS इंटरव्यू और ट्रेनिंग के नाम पर उसने पहले साढ़े तीन लाख रुपये लिए। इसके बाद बार-बार पैसे मांगते हुए कुल रकम 23 लाख रुपये तक पहुंच गई। युवती ने यह रकम अपने रिश्तेदारों से उधार लेकर दी थी।
नकदी के साथ गहनों और चांदी की सिल्ली भी हड़पी
केवल नकदी ही नहीं, बल्कि आरोपी ने युवती से सवा किलो चांदी की सिल्ली और लाखों रुपये के जेवरात भी ठग लिए। यह सब आरोपी के दोस्त दिवाकर मिश्रा के कहने पर दिया गया था, जो इस ठगी में सहयोगी बताया जा रहा है। जब युवती ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी हर बार यही कहकर टाल देता था कि वह अभी ट्रेनिंग में है। लंबे समय तक इंतजार करने के बाद आखिरकार युवती को ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस कार्रवाई: चकेरी से गिरफ्तारी, जेल भेजा गया आरोपी
पीड़िता ने 16 जनवरी को कल्याणपुर (Kalyanpur) थाने में नितेश पांडे, उसके भाई और दोस्त के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद बुधवार रात आरोपी को चकेरी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी के झूठ और फर्जीवाड़े की पूरी परतें खुल गईं। गुरुवार को पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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सबक: सरकारी पदों के नाम पर होने वाली ठगी से रहें सावधान
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सरकारी पद, IAS-IPS जैसी पहचान और नीली बत्ती के नाम पर लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के दावे की पूरी जांच-पड़ताल करें और बिना सत्यापन के पैसे या कीमती सामान न दें।



