Operation Sindoor की हीरो: कर्नल सोफिया कुरैशी को मिलेगा विशिष्ट सेवा मेडल, पाकिस्तान का झूठ किया था बेनकाब
77वें गणतंत्र दिवस पर कर्नल सोफिया कुरैशी को विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर में उन्होंने PAK के झूठ को दुनिया के सामने उजागर किया।
Indian Army News: भारतीय सेना की जांबाज़ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी (Sofia Qureshi) को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किए जाने की घोषणा ने पूरे देश को गर्व से भर दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस तरह उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के झूठ और दुष्प्रचार को बेनकाब किया, वह आधुनिक सैन्य इतिहास का एक साहसिक अध्याय बन चुका है।
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान की साजिश का पर्दाफाश
अप्रैल माह में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हमले में 26 निर्दोष भारतीय पर्यटकों की जान चली गई थी। आतंकियों ने धर्म पूछकर गोली मारी, जिससे यह हमला और भी अमानवीय बन गया। इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित संगठनों का हाथ सामने आने के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाया। 6 मई की रात भारतीय सेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” की शुरुआत की। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद कई आतंकी ठिकानों पर सटीक एयरस्ट्राइक की गई, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों को ढेर कर दिया गया। चार दिनों तक चले इस तनावपूर्ण दौर में पाकिस्तान लगातार झूठे दावे करता रहा, लेकिन यहीं से कर्नल सोफिया कुरैशी की भूमिका ऐतिहासिक बन गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई निडर नेतृत्व की झलक
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की ओर से मीडिया को सही जानकारी देने की जिम्मेदारी कर्नल सोफिया कुरैशी और भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह को सौंपी गई थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कर्नल सोफिया ने न सिर्फ ऑपरेशन की सफलता को तथ्यों और सबूतों के साथ रखा, बल्कि पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे हर झूठ का ठोस जवाब दिया। उन्होंने सैटेलाइट इमेज, ऑपरेशन डिटेल्स और रणनीतिक जानकारी के जरिए यह साफ कर दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकता है। उनकी स्पष्टवादिता, आत्मविश्वास और पेशेवर अंदाज़ ने उन्हें रातों-रात राष्ट्रीय पहचान दिला दी। सोशल मीडिया से लेकर रक्षा विशेषज्ञों तक, हर जगह उनकी तारीफ हुई।
कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी? जानिए प्रेरणादायक सफर
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की एक सीनियर ऑफिसर हैं और वर्तमान में कर्नल रैंक पर कार्यरत हैं। उनका जन्म गुजरात के वडोदरा में मोहम्मद कुरैशी और अमीना कुरैशी के घर हुआ। उन्होंने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा से बायोटेक्नोलॉजी में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने भारतीय सेना की सिग्नल कोर को जॉइन किया और अपने कौशल व नेतृत्व से अलग पहचान बनाई। कर्नल सोफिया उस समय सुर्खियों में आई थीं जब उन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व किया। वे ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला अधिकारी बनीं। साल 2016 में पुणे में आयोजित बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास “एक्सरसाइज फोर्स-18” के दौरान भी उन्होंने भारतीय दल का नेतृत्व किया, जिसमें कई देशों की सेनाओं ने भाग लिया था।
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विशिष्ट सेवा मेडल: एक ऐतिहासिक सम्मान
77वें गणतंत्र दिवस पर दिया जाने वाला विशिष्ट सेवा मेडल भारतीय सशस्त्र बलों का एक प्रतिष्ठित सम्मान है, जो असाधारण सेवा और नेतृत्व के लिए दिया जाता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी की भूमिका न केवल सैन्य दृष्टि से, बल्कि कूटनीतिक और सूचना युद्ध के स्तर पर भी बेहद महत्वपूर्ण रही।



