“चीन, रूस और ईरान को बाहर करो” – ट्रंप प्रशासन की वेनेजुएला को तेल पर सख्त चेतावनी
अमेरिका ने वेनेजुएला को तेल उत्पादन बढ़ाने की अनुमति देने से पहले चीन, रूस, ईरान और क्यूबा से रिश्ते तोड़ने की शर्त रखी है।
Trump Oil Warning To Venezuela: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला एक बार फिर वैश्विक भू-राजनीति के केंद्र में आ गया है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली प्रशासनिक टीम ने वेनेजुएला की नई अंतरिम सरकार को तेल उत्पादन को लेकर कड़ी शर्तों की चेतावनी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि वेनेजुएला चीन, रूस, ईरान और क्यूबा के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक रिश्ते पूरी तरह समाप्त करे, तभी उसे तेल उत्पादन और निर्यात की अनुमति दी जाएगी।
तेल के बदले भू-राजनीतिक शर्तें
अमेरिका की दो टूक शर्तें
ABC News की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को साफ संदेश दिया है कि यदि देश को अपने विशाल तेल भंडार से उत्पादन बढ़ाना है, तो उसे सबसे पहले चीन, रूस, ईरान और क्यूबा को देश से “बाहर का रास्ता” दिखाना होगा।
इसके साथ ही दूसरी बड़ी शर्त यह है कि वेनेजुएला को तेल उत्पादन के लिए केवल अमेरिका के साथ साझेदारी करनी होगी और अपने हेवी क्रूड ऑयल की बिक्री में अमेरिका को प्राथमिकता देनी होगी।

गौरतलब है कि चीन लंबे समय से वेनेजुएला का सबसे बड़ा तेल खरीदार रहा है, जिससे अमेरिका की यह मांग वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा बदलाव ला सकती है।
तेल भंडारण संकट और आर्थिक दबाव
अमेरिका कैसे बना रहा दबाव
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी नाकेबंदी के कारण वेनेजुएला के पास तेल भंडारण की जगह खत्म हो गई है। दिसंबर के अंत से देश को कई तेल कुओं को बंद करना पड़ा है क्योंकि उत्पादन किया गया कच्चा तेल कहीं भेजा नहीं जा सका।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक निजी ब्रीफिंग में सांसदों को बताया कि वेनेजुएला के सभी तेल टैंकर लगभग पूरी तरह भरे हुए हैं। अमेरिका का मानना है कि इसी कमजोरी का फायदा उठाकर वह वेनेजुएला को अपनी शर्तें मानने के लिए मजबूर कर सकता है।
अमेरिकी आकलन के अनुसार, यदि अगले कुछ हफ्तों में वेनेजुएला तेल नहीं बेच सका, तो देश आर्थिक रूप से दिवालिया हो सकता है, जिससे डेल्सी रोड्रिगेज की सत्ता भी खतरे में पड़ सकती है।
क्या अमेरिका करेगा वेनेजुएला के तेल पर कब्जा?
बिना सैनिक भेजे नियंत्रण की योजना
अमेरिकी सीनेट की आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के चेयरमैन रोजर विकर ने ABC News से बातचीत में पुष्टि की कि अमेरिका की योजना वेनेजुएला के तेल पर नियंत्रण हासिल करने की है।
उन्होंने कहा, “सरकार का इरादा तेल टैंकरों और जहाजों पर नियंत्रण लेने का है। कोई भी जहाज हवाना या अन्य सहयोगी देशों की ओर नहीं जाएगा।”

विकर के अनुसार, इस योजना के लिए अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि आर्थिक और लॉजिस्टिक नियंत्रण से ही लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
ट्रंप का बड़ा दावा: 50 मिलियन बैरल तेल अमेरिका को
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल तेल सौंपेगी, जिसे बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा।
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ट्रंप ने यह भी कहा कि इस तेल से होने वाली आय को वह खुद नियंत्रित करेंगे ताकि इसका इस्तेमाल “वेनेजुएला और अमेरिका के लोगों के हित में” किया जा सके। हालांकि, व्हाइट हाउस ने अब तक इन रिपोर्ट्स का आधिकारिक रूप से खंडन नहीं किया है, जिससे अटकलें और तेज हो गई हैं।



