Andhra Pradesh Pulse Polio Campaign: 54 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई गई पोलियो की खुराक, 39 हजार बूथों पर हुआ सफल आयोजन
आंध्र प्रदेश में पल्स पोलियो अभियान के तहत 54 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई गईं। जानिए अभियान की पूरी जानकारी।
Andhra Pradesh Pulse Polio Campaign: आंध्र प्रदेश सरकार ने रविवार को पूरे राज्य में पल्स पोलियो कार्यक्रम का सफल आयोजन करते हुए पांच वर्ष से कम आयु के 54 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाई। यह अभियान केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत की पोलियो-मुक्त स्थिति को बनाए रखना है।

राज्यभर में लगभग 39,000 पोलियो बूथों के माध्यम से इस अभियान को संचालित किया गया। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी बच्चा पोलियो ड्रॉप्स से वंचित न रहे। इसके लिए स्वास्थ्य तंत्र को पूरी तरह सक्रिय किया गया।
आंध्र प्रदेश के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त जी. वीरपांडियन ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य को करीब 99 लाख पोलियो वैक्सीन डोज उपलब्ध कराई गईं, जिन्हें सभी जिलों में समय पर वितरित किया गया। अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी।
उन्होंने यह भी बताया कि आंध्र प्रदेश में अंतिम पोलियो मामला जुलाई 2008 में तत्कालीन अविभाजित पूर्वी गोदावरी जिले में दर्ज किया गया था। इसके बाद से राज्य में कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है, जो इस बात का प्रमाण है कि निरंतर टीकाकरण कितना प्रभावी है।
डोर-टू-डोर अभियान से छूटे बच्चों तक पहुंच
जो बच्चे रविवार को किसी कारणवश पोलियो ड्रॉप्स नहीं ले पाए, उनके लिए सरकार ने 22 और 23 दिसंबर को डोर-टू-डोर टीकाकरण अभियान की योजना बनाई है। इसके तहत 76,000 से अधिक टीमें घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी।

इसके अलावा, मोबाइल और ट्रांजिट टीमें भी सक्रिय रहेंगी, जो बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों, अस्पतालों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स देंगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण टीकाकरण से वंचित न रह जाए।
स्वास्थ्य कर्मियों की अहम भूमिका
इस अभियान में एएनएम (Auxiliary Nurse Midwives), आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्टाफ नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बूथ स्तर पर तैनात इन स्वास्थ्य कर्मियों ने पूरे समर्पण और जिम्मेदारी के साथ बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाईं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नियमित टीकाकरण के अंतर्गत बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन की पांच खुराकें दी जाती हैं, जबकि पल्स पोलियो दिवस पर एक अतिरिक्त खुराक दी जाती है, जिससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और मजबूत होती है।
भारत की पोलियो-मुक्त स्थिति बनाए रखना जरूरी
गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत को मार्च 2014 में पोलियो-मुक्त देश घोषित किया था। हालांकि, पड़ोसी देशों में पोलियो वायरस की मौजूदगी के कारण भारत में सतर्कता और निरंतर टीकाकरण आवश्यक है।
आंध्र प्रदेश सरकार का यह अभियान न केवल राज्य के बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा करता है, बल्कि पूरे देश की पोलियो-मुक्त पहचान को भी मजबूत करता है।



