Hit and Run Case: हिट एंड रन पर बना नया कानून आखिर क्या है?, किस टेंशन में गाड़ी वाले कर रहे है चक्का जाम

 Hit and Run Case: हिट एंड रन पर बना नया कानून आखिर क्या है?, किस टेंशन में गाड़ी वाले कर रहे है चक्का जाम

Hit and Run Case: आईपीसी के कानूनों की जगह इसके नए प्रावधान लागू हो गए है। इस बीच इसके एक कानून को लेकर देश भर में विरोध शुरू हो गया है। यह है हिट एंड रन पर बना नया प्रावधान। इसके तहत यदि सड़क पर हिट एंड रन की कोई घटना होती है तो गाड़ी के चालक को 10 साल की सजा मिलेगी। इसके अलावा उसे जुर्माना भी देना होगा। 

दरअसल वाहन की टक्कर के बाद भाग जाने को हिट एंड रन माना जाता है। अब तक ऐसे मामलों में 2 साल की सजा का प्रावधान था और बेल मिल जाती थी।  अब नए नियम के अनुसार यदि गाड़ी से कोई टकराता है और ड्राइवर पुलिस प्रशासन को सूचना दिए बिना मौके से भाग निकलता है तो उसे 10 साल तक की सजा होगी और फाइन भी लगेगा। इसी कानून को गलत बताते हुए देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। 

हरियाणा, दिल्ली, यूपी, एमपी, बिहार समेत कई राज्यों में ट्रक चालकों ने चक्का जाम किया है। गृह मंत्री अमित शाह से मांग हो रही है कि वे इस कानून के प्रावधानों को नरम करें। ट्रक ड्राइवर ही नहीं बल्कि टैक्सी, ऑटो चालक भी इस नियम से परेशान हैं। बता दें कि यह कानून निजी वाहन वालों पर भी समान रूप से लागू होगा। 

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हर साल 50 हजार लोगों की सड़क पर हिट एंड रन के मामलों में मौत हो जाती है। होम मिनिस्टर अमित शाह ने संसद में बताया था कि नए कानून में सरकार हिट एंड रन के मामलों में सख्त प्रावधान ला रही है। इसके तहत यदि किसी की गाड़ी से सड़क पर कोई टकरा जाता है और ड्राइवर पीड़ित की मदद करने की बजाय उसे मरता छोड़ गाड़ी लेकर या खुद भाग निकलता है तो फिर उसे 10 साल की सजा होगी और जुर्माना देना होगा। 

वहीं पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने या पुलिस प्रशासन को सूचना देने वाले को राहत दी जाएगी। अब तक आईपीसी में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। दरअसल ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री के जानकारों और ड्राइवरों का तर्क है कि यह कानून दोधारी तलवार है। यदि ड्राइवर हादसे के बाद मौके पर मदद के लिए भी रुकता है तो उसके आगे भीड़ के हमले का खतरा होगा। 

अकसर ऐसे मामलों में भीड़ हिंसक हो जाती है। यदि वह हमले से बचने के लिए भाग निकलता है तो कानून के अनुसार उसे 10 साल की कैद होगी। इससे उसका पूरा जीवन सड़क पर हुई एक दुर्घटना के चलते प्रभावित हो सकता है। इसी के विरोध में बंगाल, बिहार, यूपी, हरियाणा, दिल्ली और एमपी समेत तमाम राज्यों में ट्रक चालक एवं अन्य लोग चक्का जाम कर रहे हैं। 

नए कानून के अनुसार यदि गाड़ी से टकराने वाला व्यक्ति गलत तरीके से वाहन के सामने आता है या फिर अवैध रूप से सड़क को पार करता है तो फिर ऐसे मामलों में ड्राइवर को राहत मिलेगी। ऐसे केसों में अधिकतम 5 साल की सजा और जुर्माने का ही प्रावधान होगा। 

वहीं गलत ढंग से ड्राइविंग के चलते यदि दिक्कत होती है तो फिर ड्राइवर को 10 साल तक की कैद होगी। इसी प्रावधान को लेकर चालक चिंता जता रहे हैं। कई ड्राइवरों ने कहा कि कोहरे की वजह से भी हादसे हो जाते हैं। यदि ऐसे मामले में भी 10 साल की सजा हुई तो हमें बिना किसी गलती के ही इतनी बड़ी सजा भुगतनी होगी।

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