सोने-चांदी के भाव में ‘भूकंप’: एक दिन में ₹26,000 टूटी चांदी, सोना भी धड़ाम; क्या यह खरीदने का सही समय है?
सोना और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट! जानें क्यों चांदी ₹26,000 और सोना ₹4,500 तक टूटा। MCX के नए मार्जिन नियम और अमेरिका-ईरान वार्ता का पूरा विश्लेषण।
Gold Silver Price Crash Reasons: भारतीय कमोडिटी बाजार (MCX) के इतिहास में 5 फरवरी 2026 का दिन निवेशकों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं रहा। कल तक आसमान छू रही चांदी आज जमीन पर आ गिरी है। शुरुआती कारोबार में ही चांदी की कीमतों में करीब 26,000 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना भी 4,500 रुपये से ज्यादा फिसल गया। बाजार में अचानक आई इस सुनामी ने ट्रेडर्स और निवेशकों को सकते में डाल दिया है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि रातों-रात बुलियन मार्केट का सेंटिमेंट पूरी तरह बदल गया? आइए विस्तार से समझते हैं।
MCX का ‘मार्जिन हंटर’: ट्रेडर्स पर लगा लगाम
इस बड़ी गिरावट की सबसे मुख्य और तात्कालिक वजह MCX (Multi Commodity Exchange) द्वारा लगाया गया ‘अतिरिक्त मार्जिन’ है। 5 फरवरी 2026 से चांदी के फ्यूचर्स पर 4.5% और सोने पर 1% का एक्स्ट्रा मार्जिन लागू कर दिया गया है। इतना ही नहीं, कल यानी 6 फरवरी से यह बोझ और बढ़ने वाला है, जहां चांदी पर 2.5% और सोने पर 2% अतिरिक्त मार्जिन जोड़ा जाएगा। कुल मिलाकर, चांदी पर 7% और सोने पर 3% का अतिरिक्त मार्जिन लगेगा। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है: जब एक्सचेंज मार्जिन बढ़ाता है, तो सट्टेबाजों और छोटे ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन बनाए रखने के लिए ज्यादा कैश जमा करना पड़ता है। जिनके पास फंड की कमी होती है, उन्हें मजबूरी में अपनी पोजीशन काटनी (बिकवाली) पड़ती है, जिससे कीमतों में Gold Silver Price Crash जैसी स्थिति पैदा होती है।

अमेरिका-ईरान वार्ता (US-Iran talks): जियोपॉलिटिकल तनाव में नरमी के संकेत
सोना और चांदी हमेशा ‘सुरक्षित निवेश’ (Safe Haven) माने जाते हैं। जब भी दुनिया में युद्ध या तनाव की स्थिति होती है, इनके दाम बढ़ते हैं। लेकिन अब हवा का रुख बदल रहा है। शुक्रवार, 6 फरवरी को ओमान में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली उच्च स्तरीय वार्ता की खबरों ने निवेशकों का डर कम कर दिया है। हालांकि दोनों देशों के बीच मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु सौदे को लेकर मतभेद बरकरार हैं, लेकिन बातचीत की मेज पर आने मात्र से बाजार में यह संदेश गया है कि तनाव कम हो सकता है। इसी उम्मीद में निवेशकों ने सुरक्षित निवेश से पैसा निकालकर जोखिम वाली संपत्तियों (जैसे शेयर बाजार) की ओर रुख करना शुरू कर दिया है।
ग्लोबल मार्केट और ‘प्रॉफिट बुकिंग’ का डबल अटैक
सिर्फ भारत ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी भारी उथल-पुथल देखी गई।
- CME (Chicago Mercantile Exchange): वैश्विक स्तर पर CME ने भी Comex गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ा दिया है, जिससे ग्लोबल लिक्विडिटी पर असर पड़ा।
- प्रॉफिट बुकिंग: गौर करने वाली बात यह है कि पिछले महीने ही सोना और चांदी अपने ‘ऑल-टाइम हाई’ पर थे। ऐसे में बड़े संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा वसूलना (Profit Booking) शुरू कर दिया। जब बड़े स्तर पर बिकवाली शुरू हुई, तो कीमतों में गिरावट का सिलसिला ‘फ्री-फॉल’ में बदल गया।
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बाजार का वर्तमान हाल (5 फरवरी 2026):
| कमोडिटी (Commodity) | गिरावट (लगभग) (Decline (approximately) | वर्तमान भाव (प्रति यूनिट) (Current price (per unit) |
| MCX चांदी (5 मार्च डिलीवरी) | ₹25,844 (10%) | ₹2,43,000 / किग्रा |
| MCX सोना (2 अप्रैल डिलीवरी) | ₹4,591 (3%) | ₹1,48,450 / 10 ग्राम |



