चांदी की कीमतों में ‘ज्वालामुखी’ जैसा विस्फोट: एक दिन में ₹15,500 महंगी हुई चांदी, क्या ईरान-अमेरिका युद्ध की आहट है वजह?
चांदी की कीमतों में आया ₹15,500 से ज्यादा का भारी उछाल! जानें ईरान-अमेरिका तनाव और नए ग्लोबल टैरिफ ने कैसे बिगाड़ा बाजार का गणित। क्या अब चांदी ₹3 लाख पार करेगी? पूरी रिपोर्ट।
Silver Price Hike Today: शुक्रवार का दिन सर्राफा बाजार के इतिहास में एक बड़े उलटफेर के रूप में दर्ज किया गया। कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन चांदी की कीमतों (Silver Price Today) में ऐसी ‘तूफानी’ तेजी देखी गई जिसने निवेशकों के होश उड़ा दिए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतें एक ही झटके में ₹15,580 प्रति किलोग्राम उछल गईं। इस जबरदस्त तेजी के साथ चांदी ₹2,75,249 के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। बाजार में इस हलचल के पीछे केवल आर्थिक आंकड़े नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर गहराता युद्ध का डर और नए व्यापारिक नियम बड़ी वजह माने जा रहे हैं।
ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका: क्यों डरा हुआ है बाजार?
चांदी में आई इस अचानक तेजी का सबसे बड़ा कारण मिडिल-ईस्ट में बढ़ता तनाव है। कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, ईरान पर अमेरिकी अटैक की आशंका ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर भागने पर मजबूर कर दिया है।हाल ही में जिनेवा में तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तीसरे दौर की बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हुई। हालांकि मध्यस्थ देश ओमान ने “प्रगति” की बात कही है, लेकिन व्यापारियों को डर है कि अगर बातचीत विफल हुई, तो खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति बन सकती है। इतिहास गवाह है कि जब-जब युद्ध की आहट होती है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोना और चांदी जैसी धातुओं में लगाते हैं, जिससे कीमतों में आग लग जाती है।

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ग्लोबल टैरिफ और सुप्रीम कोर्ट का फैसला: वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता
चांदी की कीमतों को हवा देने में केवल युद्ध का डर ही नहीं, बल्कि नए व्यापारिक नियम (Trade Tariffs) भी शामिल हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले ने पुराने व्यापारिक समीकरणों को बदल दिया है।
- अमेरिका द्वारा वैश्विक स्तर पर 15% तक के नए टैरिफ लगाने की घोषणा की गई है।
- इन नए नियमों से वैश्विक व्यापार के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
- डॉलर की अस्थिरता और व्यापार युद्ध (Trade War) के डर से औद्योगिक मांग वाली चांदी की कीमतों में सट्टेबाजी और निवेश दोनों बढ़ गए हैं।
अमेरिकी बेरोजगारी डेटा और MCX का गणित: आगे क्या होगा?
गुरुवार को जारी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने भी चांदी की तेजी को सपोर्ट किया। अमेरिका में बेरोजगारी लाभ के लिए आवेदन करने वालों की संख्या 2,12,000 तक पहुंच गई है। लेबर मार्केट में आई इस सुस्ती से यह संकेत मिल रहा है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था दबाव में है, जो बुलियन मार्केट (Gold-Silver Market) के लिए ‘बूस्टर’ का काम करता है। MCX का हाल: शुक्रवार को मई डिलिवरी वाली चांदी 6% की जोरदार तेजी के साथ ट्रेड करती दिखी। दिन का निचला स्तर ₹2,64,100 रहा, जबकि पिछले क्लोजिंग के मुकाबले इसने ₹15,500 से अधिक की बढ़त हासिल कर सबको चौंका दिया।



