AI का भविष्य लिखेगा भारत! AI Impact Summit 2026 में PM मोदी ने दुनिया को दिया ‘प्रगति और जिम्मेदारी’ का मंत्र
AI Impact Summit 2026 में PM मोदी ने दुनिया को भारत की AI शक्ति दिखाई। जानें भारत मंडपम में आयोजित इस शिखर सम्मेलन की बड़ी बातें, निवेश और ग्लोबल लीडर्स की मौजूदगी के बारे में।
AI Impact Summit 2026 PM Modi: राजधानी दिल्ली एक बार फिर वैश्विक कूटनीति और भविष्य की तकनीक का केंद्र बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने सोमवार को AI Impact Summit 2026 का भव्य उद्घाटन करते हुए दुनिया भर के दिग्गजों का स्वागत किया। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य न केवल तकनीक पर चर्चा करना है, बल्कि यह तय करना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मानवता के कल्याण के लिए कैसे काम कर सकती है।
वैश्विक दिग्गजों का जमावड़ा: फ्रांस के राष्ट्रपति से लेकर OpenAI के सैम ऑल्टमैन तक शामिल
भारत मंडपम में आयोजित इस समिट ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस बार AI Impact Summit 2026 PM Modi के नेतृत्व में भारत की सॉफ्ट पावर और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है। सम्मेलन में 45 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। प्रमुख उपस्थितियों में शामिल हैं:

- राजनीतिक नेता (Political leader): फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला दा सिल्वा और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस।
- टेक टाइटन्स (Tech Titans): गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और OpenAI के प्रमुख सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज भी भारत की AI नीतियों और संभावनाओं पर चर्चा करने पहुंचे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “दुनिया को AI पर चर्चा के लिए एकसाथ लाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। भारत आज बदलाव के शुरुआती मोर्चे पर खड़ा है, जहाँ हमारी प्रगति में महत्वाकांक्षा भी है और जिम्मेदारी भी।”
IndiaAI Mission: 10,000 करोड़ का निवेश और स्वदेशी AI मॉडल पर दांव
भारत सिर्फ AI का उपयोग करने वाला देश नहीं, बल्कि इसे बनाने वाला देश बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। सरकार ने IndiaAI Mission के तहत अपनी प्रतिबद्धता को आंकड़ों के जरिए पेश किया है। शिखर सम्मेलन के दौरान साझा की गई प्रमुख जानकारियां:
- भारी निवेश: मिशन के तहत 10,372 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
- GPU की ताकत: कंप्यूटिंग पावर को बढ़ाने के लिए 38,000 से ज्यादा GPUs को शेयर्ड एक्सेस के लिए ऑनबोर्ड किया गया है।
- स्वदेशी विकास: वर्तमान में 12 भारतीय फाउंडेशन मॉडल विकसित किए जा रहे हैं, जो क्षेत्रीय भाषाओं और भारतीय संदर्भों के अनुकूल होंगे।
- एप्लीकेशन्स: 30 से अधिक इंडिया-स्पेसिफिक AI एप्लीकेशन्स को हरी झंडी मिल चुकी है, जो शिक्षा से लेकर प्रशासन तक में क्रांति लाएंगे।
विशेष नोट: सरकार केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि प्रतिभा पर भी ध्यान दे रही है। बड़ी संख्या में PhD और पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों को टारगेटेड प्रोग्राम के जरिए AI रिसर्च के लिए सपोर्ट दिया जा रहा है।
70,000 वर्ग मीटर में फैला AI एक्सपो: खेती से लेकर सेहत तक सब कुछ स्मार्ट
समिट का एक मुख्य आकर्षण AI Impact Expo है। 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले इस एक्सपो में यह दिखाया जा रहा है कि AI ज़मीनी स्तर पर आम भारतीय का जीवन कैसे बदल रही है। एक्सपो की मुख्य विशेषताएं:
- कृषि (Agriculture): सटीक खेती और फसल सुरक्षा के लिए AI आधारित समाधान।
- स्वास्थ्य (Healthcare): बीमारियों की शुरुआती पहचान के लिए स्मार्ट डायग्नोस्टिक टूल्स।
- सार्वजनिक सेवा (Public Service): सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए AI का एकीकरण।
शिखर सम्मेलन में अलग-अलग वर्क-ग्रुप्स और थीमैटिक सेशंस के जरिए एथिकल AI और डेटा प्राइवेसी जैसे गंभीर मुद्दों पर भी मंथन किया जा रहा है।



