वैलेंटाइन डे पर खूनी ‘इश्क’: मां के गहने लुटाए, फिर मिला धोखा… NDA छात्र की दर्दनाक मौत ने हिलाया प्रयागराज
प्रयागराज में वैलेंटाइन डे पर NDA अभ्यर्थी आशुतोष ने सुसाइड किया। प्रेम में मां के गहने लुटाने और फिर बेवफाई व ब्लैकमेलिंग का शिकार होने की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी।
Prayagraj Student Suicide: प्रयागराज, जिसे हम ज्ञान और संगम की नगरी कहते हैं, वहां से एक ऐसी खबर आई है जिसने वेलेंटाइन डे की खुशियों को मातम में बदल दिया। एक 17 वर्षीय मेधावी छात्र, जो कल का फौजी अफसर बनने का सपना देख रहा था, वह प्यार के जाल में ऐसा उलझा कि उसने मौत को गले लगा लिया। इश्क में मिला धोखा और ब्लैकमेलिंग की यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है, जहां एक हंसते-खेलते परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया।
प्यार, पैसा और फिर बर्बादी: मां के गहने तक दे डाले
मृतक आशुतोष प्रताप गिरी उर्फ अमन, जो इंटर का छात्र था और एनडीए (NDA) की तैयारी कर रहा था, पिछले आठ महीनों से एक युवती के साथ प्रेम संबंध में था। परिजनों का आरोप है कि आशुतोष इस रिश्ते में इस कदर अंधा हो चुका था कि उसने अपनी मां के कीमती गहने तक युवती को दे दिए थे। लेकिन यह प्यार तब नफरत और प्रताड़ना में बदल गया जब युवती की नजदीकियां किसी और से बढ़ने लगीं। जार्जटाउन थाना क्षेत्र के टैगोर टाउन में रहने वाले अमन को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस लड़की के लिए उसने घर की जमापूंजी दांव पर लगा दी, वही उसे मौत के मुहाने तक छोड़ आएगी।

‘तुम मर जाओ, मुझे फर्क नहीं पड़ता’: सुसाइड नोट ने खोले राज
वैलेंटाइन वीक के दौरान जहां लोग गुलाब और चॉकलेट बांट रहे थे, वहीं अमन मानसिक यंत्रणा से गुजर रहा था। पुलिस को अमन के पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें युवती की बेरुखी साफ झलकती है। नोट में लिखा था, “मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं पर अब तुम्हारे साथ नहीं रह सकती। मुझे माफ़ करना, तुम मर जाओ, मुझे कोई मतलब नहीं।” यह शब्द किसी भी संवेदनशील इंसान को तोड़ देने के लिए काफी हैं। अमन की बहन निधि ने बताया कि शुक्रवार की रात भी फोन पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी। युवती ने फोन पर स्पष्ट रूप से उसे मरने के लिए उकसाया था। इश्क में मिला धोखा और ब्लैकमेलिंग का यह दबाव आशुतोष सहन नहीं कर सका।
ब्लैकमेलिंग और मारपीट: परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
अमन के पिता विनोद गिरी होमगार्ड हैं और चाचा यूपी पुलिस में सिपाही। कानून से जुड़े परिवार का बच्चा होने के बावजूद वह युवती के दोस्तों के आतंक का शिकार बना। परिजनों का आरोप है कि एक हफ्ते पहले युवती के 4-5 दोस्तों ने अमन के साथ मारपीट की थी और उसका मोबाइल छीन लिया था। मृतक के मामा धीरेंद्र प्रताप गिरी ने सुसाइड को संदिग्ध बताते हुए कहा कि जब अमन फंदे से लटका था, तो उसके पैर जमीन पर मुड़े हुए थे। परिवार का सीधा आरोप है कि युवती उसे ब्लैकमेल कर रही थी और उसे आत्महत्या के लिए उकसाया गया था। फिलहाल पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।



