कमल कौर भाभी मर्डर मिस्ट्री: मास्टरमाइंड अमृतपाल सिंह मेहरों भगोड़ा घोषित, इस ‘मुस्लिम देश’ में ली है पनाह!

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कमल कौर भाभी (कंचन कुमारी) हत्याकांड का मास्टरमाइंड अमृतपाल सिंह मेहरों भगोड़ा घोषित। जानें कैसे वह दुबई (UAE) भाग निकला और पुलिस अब उसे वापस लाने के लिए क्या कदम उठा रही है।

Kamal Kaur Bhabhi Murder Case: पंजाब (Punjab) के बहुचर्चित कमल कौर भाभी (कंचन कुमारी) हत्याकांड में बठिंडा कोर्ट ने एक बहुत बड़ा फैसला सुनाया है। इस खौफनाक कत्ल की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी और सिख कट्टरपंथी नेता अमृतपाल सिंह मेहरों को अदालत ने आधिकारिक तौर पर ‘भगोड़ा’ घोषित कर दिया है। पिछले कई महीनों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे मेहरों के खिलाफ यह कार्रवाई बार-बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश न होने के कारण की गई है। अब पुलिस के पास उसे विदेश से घसीटकर भारत लाने का कानूनी रास्ता साफ हो गया है।

यूएई (UAE) में छिपा है मास्टरमाइंड: इंटरपोल की तैयारी

बठिंडा कैंट थाने के एसएचओ दलजीत ढिल्लों के अनुसार, अमृतपाल सिंह मेहरों के संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली है। मेहरों को भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद अब पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर इंटरपोल (Interpol) के जरिए ‘रेड कार्नर नोटिस’ जारी करवाने की प्रक्रिया में जुट गई हैं। भारत सरकार अब आधिकारिक तौर पर यूएई सरकार से संपर्क साधेगी ताकि मेहरों का प्रत्यर्पण (Extradition) किया जा सके। इंटरपोल को सभी आवश्यक दस्तावेज और सबूत भेज दिए गए हैं और जल्द ही उसे पकड़कर भारत लाने की उम्मीद जताई जा रही है।

Kamal Kaur Bhabhi Murder Case
Kamal Kaur Bhabhi Murder Case

क्या था कमल कौर (Kamal Kaur) भाभी हत्याकांड और क्यों की गई हत्या?

यह मामला जून 2025 का है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी, जिन्हें उनके प्रशंसक ‘कमल कौर भाभी’ के नाम से जानते थे, उनकी 9-10 जून की दरमियानी रात गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी।

हत्या की वजह (Reason for murder): अमृतपाल सिंह मेहरों और उसके साथियों का आरोप था कि कंचन कुमारी सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री (Content) पोस्ट कर रही थीं, जो सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करती थी। इसी कथित ‘बेअदबी’ का बदला लेने के लिए मेहरों ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया। हत्या के बाद आरोपियों ने कंचन के शव को बठिंडा के भुच्चो मंडी स्थित आदेश मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की पार्किंग में खड़ी उनकी अपनी ही कार में छोड़ दिया था। 11 जून की शाम को जब कार से बदबू आने लगी, तब पुलिस ने शव बरामद किया।

अमृतसर एयरपोर्ट से फरार होने में किसने की मदद? (Who helped him escape from Amritsar airport?)

इस मामले में पुलिस को हाल ही में एक बड़ी सफलता मिली है। 6 फरवरी 2026 को पुलिस ने रंजीत सिंह नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। रंजीत सिंह ही वह शख्स था जिसने मास्टरमाइंड अमृतपाल सिंह मेहरों को अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचाया था, जहां से वह चकमा देकर यूएई भागने में सफल रहा। फिलहाल रंजीत सिंह तीन दिन की पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ जारी है। इस मामले में दो अन्य आरोपी, जसप्रीत सिंह और निर्मतजीत सिंह, पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और फिलहाल सलाखों के पीछे हैं।

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जांच की वर्तमान स्थिति (Current status of the investigation):

  • मुख्य आरोपी (Main Accused): अमृतपाल सिंह मेहरों (भगोड़ा घोषित, यूएई में मौजूद)।
  • गिरफ्तार आरोपी (Arrested accused): जसप्रीत सिंह, निर्मतजीत सिंह और रंजीत सिंह।
  • कोर्ट का रुख (Court’s stance): आरोपी को भगोड़ा घोषित किया गया, हालांकि अभी संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी नहीं हुए हैं।

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