Board Exam Stress: बोर्ड परीक्षा के डर को कहें अलविदा! मनोचिकित्सक के ये 3 जादुई मंत्र बदल देंगे आपका रिजल्ट

क्या बोर्ड एग्जाम के तनाव से आपकी नींद उड़ी हुई है? जानें गेटवे ऑफ हीलिंग की संस्थापक डॉ. चांदनी तुगनैत की वो 3 असरदार सलाह, जो परीक्षा के डर को आत्मविश्वास में बदल देंगी।

Board Exam Stress: बोर्ड परीक्षा का नाम सुनते ही अच्छे-भले छात्रों के माथे पर पसीना आ जाता है। ‘सबको सब आता है, बस मुझे ही नहीं,’ ‘अगर मैं फेल हो गया तो क्या होगा?’- ये वो सवाल हैं जो किताबों से ज्यादा छात्रों के दिमाग पर बोझ बन जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सफलता आपकी किताबों से ज्यादा आपकी अंदरूनी बातचीत (Self-Talk) पर निर्भर करती है? गेटवे ऑफ हीलिंग की संस्थापक और प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. चांदनी तुगनैत (Chandni Tugnait) के अनुसार, परीक्षा के समय मन में डर आना कमजोरी नहीं, बल्कि थकान और दबाव का स्वाभाविक परिणाम है। यहाँ हम आपको बोर्ड एग्जाम के तनाव को मात देने के वो 3 सबसे असरदार तरीके बता रहे हैं, जो आपको मानसिक रूप से फौलाद बना देंगे।

खुद को जज न करें, खुद के ‘दोस्त’ बनें (Self-Compassion over Judgment)

अक्सर छात्र परीक्षा के दबाव में खुद के प्रति बहुत कठोर हो जाते हैं। जब आप थके होते हैं, तो दिमाग कहता है, “मुझसे नहीं हो पाएगा।” डॉ. तुगनैत के अनुसार, इस समय आपको खुद पर गुस्सा करने के बजाय खुद को समझने की जरूरत है। कैसे करें अमल: सोचिए, यदि आपका कोई प्रिय मित्र आपसे कहे कि वह डरा हुआ है, तो क्या आप उसे डांटेंगे? बिल्कुल नहीं! आप उसे सहारा देंगे। वही नरमी खुद के लिए भी बरतें। खुद से कहें,”मैं अभी डरा हुआ महसूस कर रहा हूँ और यह सामान्य है।” जब आप अपने डर को स्वीकार कर लेते हैं, तो वह आप पर हावी होना बंद कर देता है। Board Exam Stress Relief Tips में सबसे पहली सीढ़ी खुद के प्रति दयालु होना है।

Board Exam Stress
Board Exam Stress

रिजल्ट और अपनी वैल्यू को अलग रखें (Separate Worth from Grades)

समाज और परिवार के दबाव में छात्र अक्सर यह मान लेते हैं कि उनके बोर्ड एग्जाम के नंबर ही उनकी पूरी पहचान (Identity) हैं। यह सोच मानसिक स्वास्थ्य के लिए घातक है। मनोचिकित्सक की सलाह है कि आपको यह स्पष्ट समझना होगा कि एग्जाम शीट आपकी समझदारी या मेहनत का छोटा सा हिस्सा हो सकती है, आपके पूरे व्यक्तित्व का पैमाना नहीं। मुख्य बात याद रखें: परीक्षा के अंक केवल यह बताते हैं कि उस विशेष दिन आपने कितना याद रखा। आपकी असल काबिलियत, आपकी मेहनत और आपके संस्कार इन अंकों से कहीं बड़े हैं। जब आप इस ‘नंबरों के बोझ’ को सिर से उतार देते हैं, तो आपका दिमाग बेहतर परफॉर्म करने लगता है।

डर को दबाएं नहीं, उसे ‘नाम’ दें (Acknowledge and Label Your Fears)

मनोविज्ञान कहता है कि आप जिस डर से भागेंगे, वह उतना ही बड़ा होता जाएगा। एग्जाम एंग्जायटी (Exam Anxiety) को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने डर को पहचानें और उसे शब्द दें।

  • क्या आपको फेल होने का डर है?
  • क्या आप दूसरों को निराश करने से डर रहे हैं?
  • या आपको अपनी उम्मीदें टूटने का डर है?

जैसे ही आप अपने डर को एक नाम दे देते हैं, उसका प्रभाव कम होने लगता है। इसके साथ ही, हर दिन के अंत में खुद की सराहना करना सीखें। अगर आपने दिन भर में केवल दो चैप्टर भी पढ़े हैं, तो खुद से कहें,”आज मैंने अपनी क्षमता के अनुसार सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया।” यह सकारात्मक सोच आपको अगले दिन के लिए ऊर्जा प्रदान करती है।

इसे भी पढें: खतरे की घंटी! पूर्वी यूपी में 5 साल में 45% बढ़े कैंसर के मरीज; BRD मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट ने किया चौंकाने वाला खुलासा

एक्सपर्ट टिप: आपकी आवाज ही आपकी ताकत है

डॉ. चांदनी तुगनैत (Chandni Tugnait) का मानना है कि बोर्ड एग्जाम के दौरान आपकी ‘भीतरी आवाज’ (Inner Voice) ही आपकी सबसे बड़ी संपत्ति है। अगर यह आवाज आपको नीचा दिखाएगी, तो आसान सवाल भी कठिन लगेंगे। लेकिन अगर यह आवाज आपको संभालेगी, तो आप कठिन से कठिन चुनौतियों को पार कर लेंगे। याद रखें, बोर्ड परीक्षा केवल आपकी याददाश्त का नहीं, बल्कि आपकी हिम्मत और मानसिक मजबूती का इम्तिहान है।

Related Articles

Back to top button