मौत का ‘कमांडर’ और 50 दिन का खौफनाक खेल: गाजियाबाद में 3 बहनों की खुदकुशी की रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तान
गाजियाबाद में 3 सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर जान दी। जानिए क्या है वो 'खतरनाक कोरियन गेम' जिसने 'कमांडर' और '50 टास्क' के जाल में फंसाकर उजाड़ दिया हंसता-खेलता परिवार।
Ghaziabad 3 Sisters Suicide: दिल्ली (Delhi) से सटे गाजियाबाद (Ghaziabad) की एक हाईराइज सोसाइटी (High-rise society) में जो हुआ, उसने न केवल पुलिस प्रशासन बल्कि हर माता-पिता की रूह कंपा दी है। एक ही परिवार की तीन नाबालिग बहनों ने रात के अंधेरे में अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह कोई सामान्य आत्महत्या नहीं, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग का जानलेवा जाल था, जिसमें ये बच्चियां पिछले ढाई साल से उलझी हुई थीं। 9वीं मंजिल से कूदने वाली इन बेटियों की उम्र महज 15, 14 और 12 साल थी। उनके पिता ने जब मीडिया के सामने अपनी व्यथा सुनाई, तो सुनने वालों की आंखें नम हो गईं।
‘बीच वाली बेटी थी कमांडर’ – 50 टास्क और आखिरी फरमान
मृतक बच्चियों के पिता के अनुसार, घर के भीतर एक समानांतर दुनिया चल रही थी जिससे वे अनजान थे। तीनों बहनें एक कोरियन ऑनलाइन गेम की आदी हो चुकी थीं। इस गेम का पैटर्न कुछ हद तक कुख्यात ‘ब्लू व्हेल’ जैसा था। इसमें 50 दिनों के भीतर 50 अलग-अलग टास्क पूरे करने होते थे। हैरान करने वाली बात यह है कि घर में 14 साल की बीच वाली बेटी ‘कमांडर’ या ‘बॉस’ की भूमिका निभा रही थी। बड़ी और छोटी बहन उसके हर आदेश का पालन करती थी। पिता ने बताया, “बीच वाली बेटी जो कहती थी, वही होता था। वे उसके बिना खाना नहीं खाती थीं, यहां तक कि टॉयलेट भी साथ जाती थीं। हमें लगा यह बहनों का आपसी प्यार है, पर वो तो गेम के नियमों में बंधी थीं।”

सुसाइड नोट का दर्द: “हम कोरियन गेम नहीं छोड़ सकते”
घटना वाली रात करीब 2 बजे, जब पूरा शहर सो रहा था, इन तीनों बहनों ने अपनी बालकनी से छलांग लगा दी। पुलिस को मिले सुसाइड नोट और मोबाइल जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बच्चियों ने लिखा था, “I am sorry, हम कोरियन गेम नहीं छोड़ सकते। हम मर रहे हैं। हम जा रहे हैं।” पिता ने रोते हुए बताया कि रात को कूदने से पहले एक बेटी ने आकर अपनी मां को ‘किस’ किया था, जैसे वह आखिरी विदा ले रही हो। पानी पीने के बहाने वे बालकनी में गईं और मौत को गले लगा लिया। उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था ताकि माता-पिता उन्हें रोक न सकें।
‘कोरिया जाने की जिद’ और पढ़ाई से बढ़ती दूरी
जांच में सामने आया है कि ये बच्चियां पिछले 2 साल से स्कूल भी नहीं जा रही थीं। एक बार फेल होने के बाद उन्होंने शर्म के कारण पढ़ाई छोड़ दी और कमरे में खुद को कैद कर लिया। वे अक्सर कहती थीं कि उन्हें “कोरिया जाना है”। माता-पिता इसे बचपना समझकर टाल देते थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि ऑनलाइन गेमिंग का जानलेवा जाल उन्हें असल जिंदगी से काटकर किसी काल्पनिक दुनिया की ओर ले जा रहा है। सहायक पुलिस आयुक्त (अतुल कुमार सिंह) के मुताबिक, शुरुआती जांच में इस गेम का नाम ‘लव गेम’ (Love Game) बताया जा रहा है। फॉरेंसिक टीम मोबाइल की सघन जांच कर रही है ताकि इस खौफनाक गेम के सोर्स का पता लगाया जा सके।
अभिभावकों के लिए चेतावनी: कैसे बचाएं अपने बच्चों को?
- व्यवहार पर नजर रखें: यदि बच्चा अचानक माता-पिता से दूरी बना ले और कमरे में बंद रहने लगे, तो सतर्क हो जाएं
- डिजिटल फुटप्रिंट की जांच: बच्चे मोबाइल पर क्या सर्च कर रहे हैं और कौन से ऐप्स इस्तेमाल कर रहे हैं, इसकी नियमित जांच करें।
- बातचीत का माहौल बनाएं: बच्चों के साथ दोस्त बनकर रहें ताकि वे किसी भी दबाव या ऑनलाइन खतरे को आपसे साझा कर सकें।



