KSBKBT 2 में कोर्टरूम धमाका: जब तुलसी को लगा जिंदगी का सबसे बड़ा झटका, बेटे ने ही लड़ा बहन के खिलाफ केस!

KSBKBT 2 में आएगा बड़ा कोर्टरूम ट्विस्ट। तुलसी और मिहिर को तब लगेगा जोर का झटका जब उनका बेटा गौतम अपनी ही बहन परी के खिलाफ केस लड़ता नजर आएगा। पढ़ें पूरा Written Update।

KSBKBT 2 Written Update: टीवी का आइकॉनिक शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 (KSBKBT 2) एक बार फिर दर्शकों को भावनात्मक झटके देने के लिए तैयार है। आने वाले एपिसोड में ऐसा कोर्टरूम ड्रामा देखने को मिलेगा, जो न सिर्फ तुलसी और मिहिर को हिला देगा बल्कि पूरे विरानी परिवार की नींव तक सवालों के घेरे में आ जाएगी। जिस बेटे को तुलसी ने संस्कारों के साथ पाला, वही बेटा अब अपनी ही बहन के खिलाफ कोर्ट में खड़ा नजर आएगा।

कोर्ट पहुंचते ही तुलसी-मिहिर को लगा जोर का झटका

जैसे ही तुलसी और मिहिर कोर्टरूम में कदम रखते हैं, उनकी नजर अपोजिशन के वकील पर पड़ती है और वे सन्न रह जाते हैं। सामने खड़ा शख्स कोई और नहीं बल्कि उनका अपना बेटा गौतम विरानी होता है। यह नजारा तुलसी को अतीत की यादों में डुबो देता है। वहीं मिहिर तुरंत अपने वकील हेमंत से सवाल करता है कि क्या उसे इस बात की जानकारी थी। हेमंत सफाई देता है कि उसे बस इतना पता था कि गौतम विदेश में लॉ प्रैक्टिस कर रहा है, लेकिन भारत लौटकर यही केस लड़ेगा—इसका अंदाजा उसे भी नहीं था। यह खुलासा मिहिर और तुलसी दोनों के लिए भावनात्मक भूचाल साबित होता है।

KSBKBT 2 Written Update
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पिता-पुत्र आमने-सामने, रिश्तों से बड़ा बना कानून

कोर्टरूम में माहौल तब और तनावपूर्ण हो जाता है जब हेमंत, मौका पाकर गौतम से पूछता है कि क्या उसे यह अहसास है कि वह अपनी ही बहन के खिलाफ खड़ा है। गौतम का ठंडा और रूखा जवाब सबको हैरान कर देता है। वह साफ कह देता है कि कोर्टरूम में निजी रिश्तों की कोई जगह नहीं होती। हालात बिगड़ते देख मिहिर जज से कुछ समय की मांग करता है। इजाजत मिलते ही वह गौतम से बात करने की कोशिश करता है, लेकिन गौतम अपने पिता से भी बदतमीजी से पेश आता है। तभी जज को खुसफुसाहट सुनाई देती है और वह सवाल करती हैं। मिहिर सच बताता है कि गौतम उसका बेटा है। इससे पहले कि कोर्ट कोई फैसला ले, गौतम खुद दलील देता है कि कानून में ऐसा कहीं नहीं लिखा कि कोई फैमिली मेंबर अपने परिवार के खिलाफ केस नहीं लड़ सकता। रणविजय भी साफ करता है कि उसे गौतम के रिश्तों की जानकारी है, लेकिन उसे इससे कोई आपत्ति नहीं।

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सवालों के दलदल में फंसेगी परी, गौतम की जिरह होगी बेरहम

केस की सुनवाई शुरू होते ही गौतम सबसे पहले कटघरे में परिधि विरानी उर्फ परी को बुलाता है। इसके बाद जो सवालों की बौछार होती है, वह न सिर्फ परी बल्कि पूरे विरानी परिवार की इज्जत को कठघरे में खड़ा कर देती है। गौतम पूछता है कि परी को कब और क्यों गोद लिया गया, उसकी पिछली शादी क्यों टूटी और दूसरी शादी क्या परिवार की मर्जी से करवाई गई। सवाल इस तरह पूछे जाते हैं कि ऐसा लगे मानो विरानी परिवार ने ही परी की जिंदगी को दलदल में धकेल दिया हो। परी सवालों में उलझती चली जाती है और कोर्टरूम में मौजूद हर शख्स इस भावनात्मक टकराव का गवाह बनता है। तुलसी के लिए यह पल सबसे दर्दनाक होता है—जहां एक बेटा कानून के नाम पर परिवार को कटघरे में खड़ा कर देता है।

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