“अनुदान के नाम पर रिश्वतखोरी! बागपत में सरकारी बाबू रंगेहाथ गिरफ्तार, एंटी करप्शन की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप”

यूपी के बागपत में पशुपालन विभाग का लिपिक 5 हजार की रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम द्वारा रंगेहाथ पकड़ा गया, विभाग में मचा हड़कंप।

Baghpat Bribery Case: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बागपत जिले में पशुपालन विभाग के एक कनिष्ठ लिपिक को अनुदान दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद न केवल विभाग में बल्कि पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

अनुदान के बदले मांगी जा रही थी रिश्वत 

मामला बागपत जिले के बिनौली ब्लॉक क्षेत्र का है। यहां बरनावा गांव निवासी पशुपालक सतीश ने बकरी पालन योजना के तहत अनुदान के लिए करीब छह महीने पहले आवेदन किया था। पशुपालन विभाग द्वारा उसका आवेदन स्वीकृत भी कर लिया गया था। योजना के तहत पात्र लाभार्थी को 49 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाती है। लेकिन आवेदन स्वीकृत होने के बाद जब सतीश विकास भवन स्थित पशुपालन विभाग के कार्यालय पहुंचा, तो वहां तैनात कनिष्ठ लिपिक अश्वनी कुमार ने अनुदान जारी करने के बदले 12 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर डाली। बाबू ने साफ शब्दों में कहा कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो अनुदान की फाइल वापस भेज दी जाएगी।

Baghpat Bribery Case
Baghpat Bribery Case

पांच हजार में सौदा, लगातार दबाव

सतीश (Satish) ने जब इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी लिपिक ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसने रिश्वत की रकम घटाकर पांच हजार रुपये कर दी और बार-बार फोन कर पैसे देने के लिए मजबूर करने लगा। पीड़ित पशुपालक के अनुसार, आरोपी बाबू ने कई बार कॉल कर कहा कि पैसे जल्द दे दो, नहीं तो अनुदान नहीं मिलेगा। गुरुवार रात भी जब लिपिक ने दोबारा पैसे की मांग की, तो सतीश ने हिम्मत दिखाते हुए मेरठ की एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाने का फैसला किया।

कैंटीन में रिश्वत लेते ही दबोचा गया बाबू

एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार को सतीश को निर्देश दिए कि वह आरोपी लिपिक को फोन कर पैसे लेने के लिए बुलाए। फोन पर बातचीत के दौरान बाबू ने विकास भवन की कैंटीन में मिलने की बात कही। तय योजना के अनुसार सतीश वहां पांच हजार रुपये लेकर पहुंचा। जैसे ही अश्वनी कुमार ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम ने तत्काल आरोपी को अपनी गाड़ी में बैठाया और बागपत कोतवाली ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया।

कोतवाली में दर्ज हुआ मुकदमा

एंटी करप्शन टीम के इंचार्ज इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार ने आरोपी लिपिक के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी, जिसके आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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विभाग में मचा हड़कंप

इस घटना के बाद पशुपालन विभाग सहित अन्य सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है। कर्मचारी और अधिकारी इस कार्रवाई को लेकर सहमे हुए हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे भ्रष्टाचारियों में डर पैदा होगा।

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