काम का दबाव या सिस्टम की नाकामी? पश्चिम बंगाल में BLO की संदिग्ध आत्महत्या ने खड़े किए गंभीर सवाल
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में BLO हमीमुल इस्लाम की स्कूल में फंदे से लटकी लाश मिली। परिवार ने SIR कार्यभार और दोहरी जिम्मेदारी को आत्महत्या का कारण बताया। पूरी खबर पढ़ें।
West Bengal BLO Suicide Case: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने चुनावी व्यवस्था, सरकारी कर्मचारियों पर कार्यभार और मानसिक स्वास्थ्य जैसे अहम मुद्दों को फिर से बहस के केंद्र में ला दिया है। जिले के रानीतला थाना क्षेत्र में एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक का शव स्कूल के एक कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। मृतक की पहचान हमीमुल इस्लाम (47 वर्ष) के रूप में हुई है।
शिक्षक और BLO की दोहरी जिम्मेदारी ने तोड़ा हमीमुल इस्लाम को?
हमीमुल इस्लाम पैकमरी चार कृष्णपुर बॉयज प्राइमरी स्कूल में शिक्षक थे और साथ ही खारिबोना ग्राम पंचायत के अंतर्गत पुरबा अलापुर गांव के एक मतदान केंद्र पर BLO के रूप में तैनात थे। परिवार का आरोप है कि हाल के दिनों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े अत्यधिक कार्यभार और दोहरी जिम्मेदारियों ने उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था।
परिजनों के अनुसार, हमीमुल शनिवार सुबह रोज़ की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटे। जब शाम तक कोई संपर्क नहीं हो पाया, तो परिवार और स्थानीय लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद शनिवार रात को स्कूल परिसर के एक कमरे में उनका शव फंदे से लटका हुआ पाया गया।
घटना की सूचना मिलते ही रानीतला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी संभावित पहलुओं को खंगाला जा रहा है। हालांकि, परिवार के आरोपों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है।
मृतक के बड़े भाई फरमान-उल-कलाम ने बताया कि हमीमुल पिछले कुछ हफ्तों से बेहद तनाव में थे। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के तहत उन्हें ऐसे-ऐसे कार्य सौंपे गए, जो उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता से कहीं अधिक थे। शिक्षक होने के साथ-साथ BLO की जिम्मेदारी निभाना और लगातार समयसीमा का दबाव झेलना उनके लिए असहनीय हो गया था।

परिवार का दावा है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण, मानचित्रण, नाम जोड़ने-हटाने और रिपोर्टिंग जैसे कार्यों का दबाव अचानक बहुत बढ़ गया था। इसी तनाव ने अंततः उन्हें आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
SIR प्रक्रिया की जल्दबाजी पर उठे सवाल, चुनाव आयोग पर दबाव के आरोप
इस घटना के बाद अब राजनीति भी गरमा गई है। भगबंगोला से तृणमूल कांग्रेस के विधायक रियाज हुसैन सरकार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया को जल्दबाजी में पूरा कराने के चक्कर में BLO और शिक्षकों पर अत्यधिक कार्यभार डाला जा रहा है।
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राजनीतिक बयानबाजी तेज, तृणमूल विधायक ने आयोग को घेरा
विधायक ने दावा किया कि हमीमुल इस्लाम को जरूरत से कहीं ज्यादा काम सौंपा गया था, जिसमें जटिल मानचित्रण और डीलिमिटेशन से जुड़े कार्य भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को जमीनी हालात समझने चाहिए और कर्मचारियों की मानसिक स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए।
यह घटना केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है। क्या चुनावी प्रक्रिया को सुचारु रखने के नाम पर जमीनी कर्मचारियों पर जरूरत से ज्यादा बोझ डाला जा रहा है? क्या मानसिक स्वास्थ्य को अब भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा?
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि काम का दबाव कब जानलेवा बन जाता है, और इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होती है।



