Bihar Politics:फ्लोर टेस्ट से पहले ही गायब हुए JDU के 17 विधायक
बीजेपी की मदद से 9वीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार के लिए सबसे बड़ी परीक्षा पास करनी अभी बाकी है. 12 फरवरी को नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार को फ्लोर टेस्ट पास करना है.तो वहीं उसके पहले ही JDU के 17 विधायक के गायब होने के खबर से एनडीए में घमासान मच गया हैं।

Bihar politics: बिहार में लंबी उथल-पुथल के बाद एक बार फिर से एनडीए सरकार की वापसी हो चुकी है, लेकिन सियासी ड्रामा अभी शायद बाकी है. बीजेपी की मदद से 9वीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार के लिए सबसे बड़ी परीक्षा पास करनी अभी बाकी है. 12 फरवरी को नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार को फ्लोर टेस्ट पास करना है.तो वहीं उसके पहले ही JDU के 17 विधायक के गायब होने के खबर से एनडीए में घमासान मच गया हैं।
दरअसल, सूर्या समाजवादी नामक एक ट्विटर यूजर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि नीतीश कुमार के 17 विधायक गायब हो गए वैसे तो 4,5 विधायक से ही काम चल जाता लेकिन इधर तो आधी जेडीयू गायब हो गई खेला होगा सब जानते थे लेकिन इतना बड़ा खेला होगा शायद किसी को पता नही था। बता दें,आरजेडी एनडीए के विधायकों को पटा कर अविश्वास प्रस्ताव पर ही सरकार को ध्वस्त करने की तैयारी में है।पहले से ही माना जा रहा है कि जेडीयू के दर्जन भर विधायक आरजेडी के संपर्क में हैं। अब इस खबर के बाद से सियसे गलियारे में भुक्म्प सी स्थिती हो गई हैं। संभव है कि यह आरजेडी की ही रणनीति का हिस्सा हो, जिसकी बात तेजस्वी लगातार कहते भी रहे हैं।
बताते चलें कि, तेजस्वी यादव के पास सत्ताधारी खेमे के विधायकों को पटाने की दो रणनीति हो सकती है। पहली यह कि जो साथ देंगे, उनमें कुछ को आरजेडी के नृत्व वाली सरकार बनने की स्थिति में मंत्री बनाया जाएगा तो कुछ को लोकसभा का टिकट दिया जाएगा। आरजेडी की सरकार तभी बनेगी, जब नीतीश कुमार की सरकार गिर जाए। इसके लिए सत्ताधारी खेमे के विधायकों से क्रॉस वोटिंग कराना जरूरी होगा। आरजेडी ऐसे विधायकों को यह भी भरोसा दे सकता है कि क्रॉस वोटिंग करने पर सदस्यता जाने का खतरा इसलिए हट जाएगा कि तब स्पीकर उसके ही हो जाएंगे।


