IDBI Bank की किस्मत का फैसला करीब! सरकार को मिली बोलियां, क्या अब रॉकेट बनेगा बैंक का शेयर?
IDBI Bank की बिक्री प्रक्रिया में आई तेजी! DIPAM को मिली फाइनेंशियल बोलियां। क्या 2026 में बदल जाएगा बैंक का मालिक? जानें शेयर प्राइस और विनिवेश के ताज़ा अपडेट।
IDBI Bank Privatization Update: IDBI बैंक के निजीकरण (Privatization) की राह देख रहे निवेशकों और ग्राहकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने बैंक में अपनी और LIC की हिस्सेदारी बेचने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने पुष्टि की है कि IDBI Bank Privatization Update के तहत रणनीतिक विनिवेश के लिए फाइनेंशियल बोलियां प्राप्त हो गई हैं। इस खबर के बाद बाजार में IDBI के शेयरों की मांग बढ़ गई है। आइए विस्तार से समझते हैं कि सरकार का प्लान क्या है और इसका असर बैंक के भविष्य पर क्या पड़ेगा।
DIPAM को मिली फाइनेंशियल बोलियां: अब मूल्यांकन की बारी
वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के तहत आने वाले विभाग DIPAM ने शुक्रवार को आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि IDBI बैंक की बिक्री के लिए बोलियां मिल चुकी हैं। अब तय प्रक्रियाओं के अनुसार इन बोलियों का मूल्यांकन किया जाएगा। वर्तमान में, भारत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) मिलकर IDBI बैंक में 95% हिस्सेदारी रखते हैं। इस विनिवेश प्रक्रिया के तहत कुल 60.72% हिस्सेदारी बेची जानी है। बोलियां मिलने का सीधा मतलब यह है कि दिग्गज निवेशक इस बैंक को खरीदने में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिससे इसके निजीकरण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।

बजट 2026-27 और विनिवेश का बड़ा लक्ष्य
सरकार के लिए IDBI बैंक की बिक्री केवल एक बैंक का निजीकरण नहीं है, बल्कि यह वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने का एक बड़ा जरिया भी है।
- विनिवेश लक्ष्य (Disinvestment target): यूनियन बजट 2026-27 में सरकार ने विनिवेश और संपत्ति मुद्रीकरण के जरिए ₹80,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है।
- पिछला प्रदर्शन (Past Performance): वित्तीय वर्ष 2026 में सरकार ₹47,000 करोड़ के लक्ष्य से चूक गई थी, जिसे बाद में घटाकर ₹33,837 करोड़ करना पड़ा था।
- महत्व (Importance): ऐसे में IDBI बैंक की सफल बिक्री सरकार के खजाने को भरने और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने में संजीवनी का काम करेगी।
IDBI Bank के तिमाही नतीजे और शेयर बाजार का हाल
बैंक के निजीकरण की खबरों के बीच इसके वित्तीय प्रदर्शन और शेयर की कीमतों पर भी निवेशकों की पैनी नजर है। तिमाही नतीजे (Q3 FY26): दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही में बैंक का मुनाफा लगभग स्थिर रहा। बैंक ने ₹1,935 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹1,908 करोड़ था। हालांकि, बैंक की कुल आय और ब्याज आय में पिछले साल के मुकाबले थोड़ी गिरावट देखी गई है। शेयर प्राइस अपडेट: निजीकरण की प्रक्रिया तेज होने की खबर मिलते ही शुक्रवार को IDBI बैंक का शेयर 3.86% की बढ़त के साथ ₹106.92 पर बंद हुआ।
- 52-Week High: ₹118.45 (जनवरी 2026)
- 52-Week Low: ₹66.14 (मार्च 2025)
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विनिवेश प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रही, तो शेयर अपनी नई ऊंचाई को छू सकता है।



