प्रयागराज में वायुसेना का ट्रेनी विमान क्रैश, तालाब में गिरते ही टली बड़ी त्रासदी, दोनों पायलट सुरक्षित
प्रयागराज में भारतीय वायुसेना का ट्रेनी विमान तकनीकी खराबी के चलते तालाब में गिर गया। हादसे में बड़ा नुकसान टल गया और दोनों पायलट सुरक्षित बचा लिए गए। पढ़ें पूरी खबर।
Prayagraj Air Force Plane Crash: प्रयागराज (Prayagraj) से एक बड़ी लेकिन राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनी विमान तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया, लेकिन गनीमत यह रही कि विमान आबादी वाले इलाके में गिरने के बजाय सीधे एक तालाब में जा गिरा। इस वजह से एक बड़ा जान-माल का नुकसान टल गया। विमान में सवार दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। यह घटना प्रयागराज (Prayagraj) और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि यदि विमान थोड़ी भी दिशा बदल देता, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे।
तकनीकी खराबी बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वायुसेना का यह विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। उड़ान के दौरान अचानक विमान में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई। पायलटों ने स्थिति को भांपते हुए सूझबूझ का परिचय दिया और विमान को रिहायशी इलाके से दूर ले जाने की कोशिश की। तकनीकी समस्या के चलते विमान नियंत्रण खो बैठा और अंततः पास ही स्थित एक तालाब में जा गिरा। तालाब में गिरने के कारण विमान की रफ्तार काफी हद तक कम हो गई, जिससे विस्फोट या आग लगने जैसी कोई बड़ी घटना नहीं हुई।

पायलटों की सूझबूझ से टली बड़ी त्रासदी
इस हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि पायलटों की ट्रेनिंग और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण ही यह बड़ा हादसा टल सका। यदि विमान किसी घनी आबादी वाले क्षेत्र में गिरता, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी।
हादसे के बाद इलाके में मचा हड़कंप
विमान के तालाब में गिरते ही आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। जोरदार आवाज सुनते ही स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। कुछ ही देर में पुलिस, प्रशासन और वायुसेना के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरा इलाका सुरक्षा घेरे में ले लिया गया, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया और तालाब के आसपास मौजूद लोगों को दूर रखा गया।
जांच के आदेश, वायुसेना करेगी तकनीकी समीक्षा
भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आखिर तकनीकी खराबी किस कारण से आई और क्या विमान की मेंटेनेंस प्रक्रिया में कोई चूक हुई थी। वायुसेना सूत्रों के अनुसार, यह एक ट्रेनी विमान था, जिसका उपयोग पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए किया जाता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विमान तालाब में न गिरकर गांव या सड़क पर गिरता, तो कई जानें जा सकती थीं। लोगों ने पायलटों की समझदारी और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।



