मुंबई की कमान अब ‘मराठा चेहरे’ के हाथ: क्या ऋतु तावड़े बदलेंगी BMC की सूरत? शिंदे सेना को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी!

BMC Mayor Election: मुंबई के नए महापौर के नाम पर सस्पेंस खत्म! भाजपा की ऋतु तावड़े बनेंगी मेयर, शिंदे सेना को मिला डिप्टी मेयर का पद। जानें ऋतु तावड़े का सफर और महायुति का मास्टर प्लान।

BMC Mayor Election 2026 Ritu Tawde: देश की सबसे अमीर नगर पालिका, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में सत्ता का वनवास खत्म होने की ओर है। महायुति गठबंधन (BJP, शिंदे सेना और एनसीपी) की हालिया जीत के बाद अब ‘मुंबई के राजा’ यानी महापौर (Mayor) के नाम पर मुहर लग गई है। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कद्दावर नेता और अनुभवी पार्षद ऋतु तावड़े (Ritu Tawde) को मेयर पद के लिए चुनावी मैदान में उतारा है। इस निर्णय के साथ ही महायुति ने यह साफ कर दिया है कि वे अनुभव और समावेशी राजनीति के दम पर मुंबई का कायाकल्प करने की तैयारी में हैं। वहीं, गठबंधन धर्म को निभाते हुए डिप्टी मेयर का पद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास गया है।

ऋतु तावड़े: घाटकोपर से ‘मातोश्री’ के गढ़ तक की प्रभावशाली यात्रा

ऋतु तावड़े का नाम राजनीति में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। घाटकोपर के वार्ड संख्या 132 से लगातार तीसरी बार पार्षद निर्वाचित होकर उन्होंने अपनी लोकप्रियता साबित की है। लेकिन उनकी जीत के मायने सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं। जातिगत समीकरणों से ऊपर की छवि: ऋतु तावड़े खुद मराठा समुदाय से आती हैं, लेकिन उनकी सबसे बड़ी खूबी उनकी स्वीकार्यता है। उन्होंने एक ऐसे वार्ड (घाटकोपर) में जीत की हैट्रिक लगाई है जो गुजराती बहुल माना जाता है। यह दर्शाता है कि मुंबई की जनता उन्हें भाषा या प्रांत के चश्मे से नहीं, बल्कि उनके काम के आधार पर देखती है। प्रशासनिक अनुभव: ऋतु केवल एक नेता नहीं, बल्कि बीएमसी के कामकाज की गहरी समझ रखने वाली प्रशासक भी हैं। वे बीएमसी की सबसे महत्वपूर्ण ‘शिक्षा समिति’ (Education Committee) की अध्यक्ष रह चुकी हैं। वर्तमान में वे महाराष्ट्र प्रदेश महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूती दे रही हैं।

BMC Mayor Election 2026 Ritu Tawde
BMC Mayor Election 2026 Ritu Tawde

‘शिंदे सेना’ का दांव: संजय शंकर घाडी संभालेंगे डिप्टी मेयर की कुर्सी

महायुति गठबंधन के भीतर सीटों और पदों का बंटवारा बेहद सधे हुए अंदाज में किया गया है। जहां मेयर पद भाजपा के खाते में आया है, वहीं उप-महापौर (Deputy Mayor) के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने वफादार सिपाही संजय शंकर घाडी (Sanjay Shankar Ghadi) पर भरोसा जताया है। संजय घाडी की उम्मीदवारी के पीछे का तर्क:

  • संगठन के प्रति वफादारी (Loyalty to the organization): शिंदे गुट के लिए घाडी एक ऐसे चेहरे हैं जिन्होंने जमीनी स्तर पर शिव सैनिकों को जोड़े रखा है।
  • अनुभव (Experience): वे नगर निगम की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह वाकिफ हैं, जो मेयर ऋतु तावड़े के साथ मिलकर काम करने में सहायक होगा।

महायुति के नेताओं का मानना है कि भाजपा का विजन और शिंदे सेना की जमीनी पकड़ मिलकर मुंबई के लंबित पड़े विकास कार्यों (जैसे सड़कों का कंक्रीटकरण और जल निकासी) को नई गति देगी।

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महायुति का मास्टरस्ट्रोक: विपक्ष के पास क्या है विकल्प?

BMC चुनाव के नतीजों ने महायुति के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BMC Mayor Election में ऋतु तावड़े का चयन भाजपा का एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। विपक्ष की खामोशी: हैरानी की बात यह है कि जहां महायुति ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, वहीं विपक्षी गठबंधन (महाविकास अघाड़ी) की ओर से अब तक किसी साझा उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया है। संख्या बल को देखते हुए ऋतु तावड़े की राह फिलहाल निष्कंटक नजर आ रही है। मुंबई के लिए क्या बदलेगा? भाजपा नेताओं का दावा है कि ऋतु तावड़े एक ऐसी मेयर साबित होंगी जो “एसी केबिन” के बजाय सड़कों पर उतरकर जनता की समस्याएं सुनेंगी। चूंकि वे खुद पार्षद रह चुकी हैं, इसलिए उन्हें पता है कि फंड का आवंटन और नागरिक सुविधाओं का क्रियान्वयन कैसे तेजी से किया जा सकता है।

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