Parle-G बिस्कुट तो जरुर खाया होगा पर इसमें G का क्या है सही मतलब ? G का मतलब जिनियस तो है एकदम गलत

जब भी हम “बिस्किट” (Biscuit) की बात करते हैं, तो हमारे जेहन में सबसे पहले पारले-जी (Parle-G) की छवि उभरती है। यह न केवल एक बिस्किट है, बल्कि हमारे इमोशंस (Emotions) और यादों से जुड़ा एक अनुभव है। पारले-जी ने दशकों से अपने स्वाद और गुणवत्ता को बरकरार रखते हुए बिस्किट उद्योग में अपनी एक विशेष पहचान बनाई है।
पारले-जी का इतिहास और उसकी यात्रा बेहद दिलचस्प है। यह बिस्किट आजादी से पहले बाजार में आया था और उस समय इसे “ग्लूको बिस्किट” (Gluco Biscuit) के नाम से जाना जाता था। वर्ल्ड वॉर 2 (World War 2) के दौरान यह भारतीय और ब्रिटिश सैनिकों के बीच लोकप्रिय था। भारत की आजादी के बाद, अन्न के संकट के कारण इसका उत्पादन बंद हो गया। हालांकि, बाद में इसे नए नाम “पारले-जी” (Parle-G) के साथ फिर से बाजार में उतारा गया।
“पारले” (Parle) नाम मुंबई के विले पार्ले (Vile Parle) इलाके से लिया गया, जहां इसकी फैक्टरी स्थित थी। “जी” (G) अक्षर इसके ग्लूकोस (Glucose) स्वभाव का प्रतिनिधित्व करता है, न कि “जीनियस” (Genius) का।
पारले-जी की पैकेजिंग (Packaging) और टैगलाइन (Tagline) “पारले-जी माने जीनियस” ने लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया है। इस टैगलाइन ने भले ही लोगों को यह धारणा दी हो कि “जी” का मतलब “जीनियस” है,
लेकिन वास्तव में इसका अर्थ “ग्लूकोस” से है।
पारले-जी ने अपनी गुणवत्ता और स्वाद में कभी समझौता नहीं किया है। इसका स्वाद आज भी वही है जो कई सालों पहले था। यह एक ऐसा ब्रांड है जिस पर दुनिया के बदलाव का कोई असर नहीं पड़ा है। आमिर हो या गरीब, पारले-जी हर वर्ग के लोगों का पसंदीदा बिस्किट है।
इस तरह, पारले-जी ने अपने उत्पाद की गुणवत्ता और भावनात्मक मूल्य के जरिए भारतीय उपभोक्ताओं के दिलों में एक खास जगह बनाई है। यह ब्रांड भारतीय समाज में सिर्फ एक बिस्किट नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अनुभव और यादों का प्रतीक बन चुका है।



