Haryana News: हरियाणा सरकार खरीदने जा रही है 5000 एकड़ जमीन, आपको मिलने वाला है मोटा पैसा

Haryana News: हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आज लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश के 10 जिलों में वन लगाने के लिए करीब 5 हज़ार एकड़ जमीन ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से  खरीदने के कार्य की समीक्षा की।  उन्होंने पटौदी और रेवाड़ी के बीच शेरशाह सूरी मार्ग पर करीब 88 फुट लम्बे हिस्से का वन विभाग से लंबित मामले का समाधान करने के भी निर्देश दिए।

डिप्टी सीएम , जिनके पास लोक निर्माण विभाग का प्रभार भी है , ने आज यहाँ लोक निर्माण तथा वन विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की।

श्री दुष्यंत चौटाला को बैठक में विभागीय अधिकारीयों ने जानकारी दी कि लोक निर्माण विभाग की सड़कों को चौड़ा करने तथा अन्य प्रोजेकट्स को पूरा करने के लिए वन विभाग से अनुमति लेकर कुछ पेड़ काटने पड़ते हैं , ऐसे में फिलहाल करीब 600 एकड़ भूमि की आवश्यकता है जहाँ पर पेड़ लगाकर लोक निर्माण विभाग अपने कार्य जारी रख सके।

        डिप्टी सीएम ने कहा कि भविष्य की विभागीय जरूरतों को देखते हुए दक्षिण हरियाणा के साथ लगते 10 जिलों में 500-500 एकड़ जमीन ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से लैंड -बैंक के रूप में एकत्रित की जाए ताकि वन विभाग को पेड़ लगाकर बदले में सौंपी जा सके।

उन्होंने फिर दोहराया कि जब लोक निर्माण विभाग को कोई नई सड़क बनानी या चौड़ी करनी होती है तो वहां पेड़-पौधे होते हैं, उन्हें काटने के लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना पड़ता है। ऐसे मामलों में, औपचारिकताओं को पूरा करने में कभी-कभी समय लगता है और परियोजनाओं में देरी होती है। इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग अपनी जमीन पर पहले से ही पेड़ -पौधे लगाएगा।

इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी , पर्यावरण , वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग , उपमुख्यमंत्री के ओएसडी श्री कमलेश भादू के अलावा अन्य वन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सूत्रों ने कहा कि चूंकि टैक्स से उत्पन्न कुल आय जल्द ही बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। सरकार को उम्मीद है कि 1000 करोड़ रुपए तक संपत्ति कर वसूलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन https://ulbhryndc.org/ वेबसाइट पर संपत्ति कर भरने पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त छूट का लाभ ले सकते हैं। 

जो संपत्ति मालिक निर्धारित समय में अपना बकाया संपत्ति कर जमा नहीं करवाता है, तो पॉलिसी के अनुसार उसे किसी प्रकार की छूट का लाभ नहीं दिया जाएगा। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “ULB विभाग अन्य रणनीतियों पर भी काम कर रहा है। 

जैसे नोटिस जारी करना और पहले के नोटिस और चेतावनियों का जवाब देने में विफल रहने वाले लोगों के खिलाफ सीलिंग अभियान चलाना और जिन पर निकायों का 50,000 रुपए से अधिक का बकाया है। बताया कि कई व्यक्तियों की संपत्तियों को हाल ही में सील कर दिया गया, क्योंकि वे अपना लंबे समय से बकाया चुकाने में विफल रहे हैं।

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